Thursday, February 12, 2026

करवा चौथ 2025: पीरियड आने पर कैसे करें व्रत और पूजा, जानें उपाय

करवा चौथ 2025: भारत में हर विवाहित महिला के लिए करवा चौथ का पर्व बेहद खास होता है। यह व्रत पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए रखा जाता है।

कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। साल 2025 में करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा।

इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण दिन पर महिलाओं को मासिक धर्म (पीरियड) आ जाता है।

इस स्थिति में अक्सर महिलाएं उलझन में पड़ जाती हैं कि अब व्रत रखें या नहीं, पूजा करें या नहीं।

ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शास्त्रों में भी इस स्थिति के लिए सहज और सम्मानजनक मार्ग बताया गया है।

करवा चौथ 2025: पीरियड के दौरान करवा चौथ का व्रत कैसे रखें

अगर करवा चौथ के दिन पीरियड आ जाए, तो सबसे पहले मन में कोई अपराध-बोध या नकारात्मकता न रखें।

यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और शास्त्रों के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान स्त्री को दोषी नहीं माना गया है। इस दौरान आप पूजा-पाठ या अर्घ्यदान नहीं करें, लेकिन व्रत रख सकती हैं।

आप सुबह स्नान कर संकल्प लें कि आप पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रख रही हैं।

इस दिन पारंपरिक सोलह श्रृंगार करें और अपने मन में करवा माता का ध्यान करें।

भले ही आप शारीरिक रूप से पूजा न कर पाएं, परंतु मानसिक रूप से की गई आराधना भी उतनी ही फलदायी होती है।

करवा चौथ की कथा और चंद्र दर्शन

अगर आपके घर में या आस-पास कोई अन्य सुहागिन महिलाएं पूजा कर रही हों, तो आप उनके साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुन सकती हैं। ऐसा करने से भी व्रत का फल प्राप्त होता है।

रात में जब चंद्रमा उदित हो जाए, तो आप छलनी से चंद्र दर्शन कर सकती हैं और मन ही मन करवा माता से प्रार्थना करें।

हालांकि इस दौरान अर्घ्य न दें, क्योंकि शास्त्रों में मासिक धर्म की स्थिति में पूजा और अर्घ्यदान को वर्जित बताया गया है।

चंद्र दर्शन के बाद आप पानी या फल लेकर अपना निर्जला व्रत खोल सकती हैं।

भाव और श्रद्धा ही सबसे बड़ा पूजन है

करवा चौथ का असली अर्थ केवल बाहरी पूजा या विधि-विधान तक सीमित नहीं है। यह दिन भावना, निष्ठा और प्रेम का प्रतीक है।

शास्त्रों में कहा गया है कि ईश्वर भाव के भूखे होते हैं, न कि दिखावे के। अगर आपकी श्रद्धा सच्ची है, तो आपकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है, भले ही आपने औपचारिक पूजा न की हो।

इसलिए अगर करवा चौथ के दिन आपको पीरियड आ जाए, तो उदास या परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह स्थिति पूरी तरह स्वाभाविक है। बस श्रद्धा और संकल्प से अपने व्रत को पूर्ण करें।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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