मौलाना ने की मासूम से रेप की कोशिश: कानपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है, जिसमें एक आठ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का मामला दर्ज हुआ है।
इस मामले में पुलिस ने 60 वर्षीय मौलाना मोहम्मद इस्माइल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया गया है।
घटना की तस्वीरें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बनाती हैं।
चॉकलेट दिलाने का दिया लालच
पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार यह घटना 22 मार्च की है। उस दिन उनकी बेटी घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी मौलाना बच्ची के पास पहुंचा और उसे चॉकलेट देने का लालच दिया।
मासूम बच्ची उसकी बातों में आ गई और वह उसे अपने साथ घर के अंदर ले गया। परिजनों का आरोप है कि घर के भीतर आरोपी ने बच्ची के कपड़े उतारने और उसके साथ रेप करने की कोशिश की।
बच्ची घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने साहस दिखाते हुए आरोपी को जोर से धक्का दिया और वहां से भागने में सफल रही।
मासूम ने मचाया शोर
घर से बाहर निकलते ही बच्ची ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास मौजूद स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे।
रोती हुई बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसे सुनकर सभी स्तब्ध रह गए। इस बीच, आरोपी वहां से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया।
आरोपी को सड़क पर घसीटा
घटना से गुस्साए लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। भीड़ ने आरोपी को पकड़कर सड़क पर घसीटा और उसकी जमकर पिटाई कर दी। माहौल तनावपूर्ण होता देख किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। बाद में उसे थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी, फुटेज की हो रही जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से कानपुर देहात का रहने वाला है, लेकिन वह वर्तमान में कानपुर में अकेले रह रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि मामले की हर पहलू से जांच की जा सके।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम कितने सतर्क हैं। आए दिन सामने आने वाली ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं,
बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों को भी झकझोर देती हैं। बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

