गुमला में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल: झारखंड के सिसई थाना क्षेत्र में शुक्रवार (20 मार्च 2026) को कथित रूप से चंगाई सभा के माध्यम से धर्मांतरण कराने की कोशिश का एक गंभीर मामला सामने में आया है।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पांच महिलाओं को हिरासत में लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में उपजे तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
रिपोर्ट्स के अनुसार, गुमला प्रखंड के पुग्गू और आसपास के क्षेत्रों की रहने वाली पांच महिलाएं रौमिला मिंज, किरण कुजूर, शकीरा तिर्की, सुशीला देवी और इंदु देवी सिसई के कुम्हार मोड़ और छरदा रोड इलाके में सक्रिय थीं।
ये महिलाएं घर-घर जाकर चंगाई सभा से संबंधित पैम्फलेट बांट रही थीं। आरोप है कि इन महिलाओं द्वारा लोगों को चमत्कारिक ढंग से बीमारियों से मुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही असाध्य रोगों के उपचार और बेहतर भविष्य का झांसा देकर विशेष प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए प्रेरित भी किया था।
स्थानीय निवासी और हिंदू संगठनों के आरोप
गुमला में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल: स्थानीय निवासी आनंद साहू ने मामले की गंभीरता को बताते हुए आरोप लगाया कि ये महिलाएं उनके घर पहुंची और उनके आराध्य देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
साहू के अनुसार, महिलाओं ने उन पर अपनी पारंपरिक मान्यताओं को छोड़ने और चंगाई सभा में शामिल होने के लिए अत्यधिक दबाव बनाया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और हिंदू जागृति मंच के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटनास्थल पर बढ़ते आक्रोश और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सिसई थाना की पुलिस टीम ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
पुलिस ने उग्र भीड़ के बीच से पांचों महिलाओं को सुरक्षित निकालकर हिरासत में लिया और थाने ले आई।
हिंदू संगठनों की ओर से पुलिस को एक लिखित आवेदन सौंपा गया है, जिसमें प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
मौके पर संजय कुमार वर्मा, मनीष बाबू, सौरव ताम्रकर सहित कई पदाधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित थे।
प्रशासन की अपील
गुमला में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल: फिलहाल, पुलिस प्रशासन मामले के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहा है।
हिरासत में ली गई महिलाओं से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
उन्होंने स्थानीय नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया है।
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