Jaipur Serial Blast Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर में जिंदा बम मामले में आरोपियों को 17 साल बाद दोषी करार किया गया है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए चांदपोल इलाके में एक मंदिर के पास से बरामद किए गए जिंदा बम मामले में विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया है।
न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अब 8 अप्रैल को आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी। हालांकि अदालत ने इन आरोपियों को राजद्रोह की धारा 124 से बरी कर दिया है, लेकिन भारतीय दंड संहिता की अन्य गंभीर धाराओं में उन्हें दोषी माना गया है।
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Jaipur Serial Blast Case: हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी
यह चारों आरोपी जयपुर बम धमाकों के मुख्य आरोपी थे और उन्हें विशेष अदालत ने 20 दिसंबर 2019 को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में इस फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे और कहा था कि जांच में कई खामियां थीं। इसके बाद राजस्थान सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
लगातार हुए 8 धमाके
बता दें कि 13 मई 2008 की शाम जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में आठ सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों ने पूरे शहर को दहला दिया था। हादसे में 72 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इन धमाकों से पूरे देश में दहशत फैल गई थी। जांच एजेंसिया जांच में जुट गई। उसी दौरान चांदपोल इलाके में एक मंदिर के पास से एक जिंदा बम बरामद हुआ था, जिसे निरोधक दस्ते ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया था। इसको लेकर कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई है।
राजद्रोह का मुकदमा हटाया
कोर्ट से बरी किए जाने के बाद वापस से जांच शुरू हुई और चारों आरोपियों को फिर से गिरफ्तार किया गया और आरोपियों के खिलाफ बम धमाकों से जुड़े 8 मामले और राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।
हालांकि कोर्ट ने राजद्रोह का मुकदमा चारों आरोपियों पर से हटा दिया है और विशेष अदालत ने चारों को दोषी ठहराया है। 8 अप्रैल को सजा के ऐलान के साथ यह मामला एक और निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा।
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