Monday, February 23, 2026

बच्चो को खेल में जीत के साथ हार का भी महत्व समझाना जरूरी

माता-पिता हमेशा बच्चो को जीवन में जीत का महत्व समझाते है। उन्हें हमेशा यह ही सिखाते है की जीतना या टॉपर बनना कितना जरूरी है मगर असलियत में उन्हें बच्चो को यह समझने की ज़रूरत है की जीवन में हार और जीत दोनों ही होती है और दोनों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना चाहिए।

एक्सपर्ट्स का कहना है की बच्चो को जितने के लिए उत्साहित करना,उनका हौसला बढ़ाना अच्छी बात है मगर उसके साथ ही उन्हें हार स्वीकार करने की कला सिखाना और उससे सबक लेना ज़्यादा जरूरी है।अक्सर पेरेंट्स या बड़े, अपने बच्चो के साथ खेलते है तो उन्हें खुश करने के लिए जानबुज कर हार जाते है। ऐसा करना अच्छा है मगर कभी कबार बच्चो को भी हरने देना चाहिए,ताकि उनके लिए हार या असफलता स्वीकार करना थोड़ा आसान हो। कनाडा के ओंटारियों में वाटरलू यूनिवर्सिटी में खेल और मनोरंजन प्रबंधन के प्रोफेसर रयान स्नेलग्रोव बताते हैं कि खेल में हारना बच्चों के लिए अपनी गलतियों से सीखने और सुधार करने की रणनीतियों के बारे में सोचने का एकमात्र तरीका है।

खेलों से बेहतर प्रदर्शन और जीवन कौशल

जब बच्चे अपने कौशल पर काम करते हैं और अगले मैच में जीत हासिल करते हैं, तो उनके खेल और गेम में प्रदर्शन में सुधार होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टीमवर्क और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी विकसित करता है।

जीत-हार से सीखने का अनुभव

बच्चों के जीवन में जीत और हार का अनुभव उन्हें वयस्क जीवन में आने वाली असफलताओं और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। डेवलपमेंटल एंड बिहेवियरल पीडियाट्रिक्स के विशेषज्ञ और “टेन थिंग्स आई विश यू न्यू अबाउट योर चाइल्ड्स मेंटल हेल्थ” के लेखक डॉ. बिली गर्वे कहते हैं, “5-12 साल के बच्चों के लिए जीतने और हारने का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। यह उन्हें जीवन के उतार-चढ़ाव के बारे में सिखाता है और आत्म-सम्मान और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है।”

हार की निराशा से बच्चों को बाहर निकालना

माता-पिता को बच्चों को हार के बाद की निराशा से बाहर निकालने का सही तरीका अपनाना चाहिए। डॉ. गर्वे अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहते हैं, “जब मेरी तीन साल की बेटी हारती है, तो मैं उसे यह बताता हूं कि देखो, तुम्हारा छोटा भाई जीत से कितना खुश है। यह तरीका उसकी हताशा और क्रोध को शांत करता है।”

हार स्वीकार करना: जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण सबक

बचपन से ही बच्चों को हार को स्वीकार करना सिखाना उनकी सफलता की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। एक शोध में यह पाया गया है कि यदि बच्चों को रोजाना कुछ काम सौंपा जाए, तो उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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