खार्ग द्वीप पर हमले के बाद ईरान की चेतावनी: ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है।
शनिवार 14 मार्च को ईरान की सेनाओं ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि अमेरिका या कोई अन्य देश उसके तेल और ऊर्जा भंडार पर हमला करता है,
तो ईरान पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हिस्सेदारी वाली सभी तेल और ऊर्जा सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट कर देगा।
यह चेतावनी ईरान के सैन्य कमान केंद्र ख़ातम-अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय की ओर से जारी की गई।
ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को सीधी आक्रामक कार्रवाई माना जाएगा और उसका जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा।
खार्ग द्वीप पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में स्थित ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है और यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल विभिन्न देशों तक पहुंचता है।
हमले के बाद ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया तो वह मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी हितों पर सीधी जवाबी कार्रवाई करेगा।
इस चेतावनी ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी कार्रवाई में खार्ग द्वीप पर मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के दौरान तेल भंडार को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया।
ट्रंप के अनुसार अमेरिका की रणनीति यह रही कि ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर किया जाए, लेकिन वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर न पड़े।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डाली गई, तो अमेरिका अपनी रणनीति बदल सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रभावित
खार्ग द्वीप पर हमले के बाद ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करना शुरू कर दिया।
यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
रिपोर्टों के अनुसार तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है और कई देशों ने संभावित आपूर्ति संकट को लेकर चिंता जताई है।
ईरानी नेतृत्व पर इनाम की घोषणा
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 10 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है।
अमेरिका का आरोप है कि ईरानी नेतृत्व क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल है।
ऊर्जा संकट टालने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल अमेरिका की रणनीति ईरान के तेल भंडार को सीधे निशाना बनाने से बचने की है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा संकट पैदा न हो।

