Saturday, March 14, 2026

ईरान ने इंडिया के लिए खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, LPG के टैंकर गुजरने की मंजूरी

ईरान ने इंडिया के लिए खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत देने वाली खबर सामने आई है।

लंबे समय से अस्थिर हालात के कारण बाधित हो रहे समुद्री व्यापार के बीच ईरान ने भारत के दो एलपीजी गैस टैंकरों को अपने नियंत्रण वाले अहम समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है।

इस फैसले से भारत में घरेलू गैस की संभावित कमी और कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पैदा हुई चिंता काफी हद तक कम हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार 13 मार्च को भारत के ये दोनों एलपीजी टैंकर इस रणनीतिक जलमार्ग को पार कर चुके हैं और अब अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैंकरों के पहुंचने से देश के कई हिस्सों में गैस की सप्लाई सामान्य होने लगेगी।

कूटनीतिक बातचीत का दिखा असर

ईरान ने इंडिया के लिए खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: इस फैसले के पीछे भारत और ईरान के बीच हुई उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और भरोसेमंद संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि भारत एक पुराना मित्र देश है और मौजूदा कठिन परिस्थितियों में ईरान यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिल सके।

ईरान के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी कहा कि ईरान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को बाधित करना नहीं है।

उनके अनुसार, युद्ध की वजह से सुरक्षा जोखिम बढ़ गए थे, जिसके कारण जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

युद्ध से पैदा हुआ संकट

दरअसल, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया।

इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।

इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर रणनीतिक जलमार्गों पर नियंत्रण कड़ा कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ने लगा।

भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई थी।

खासतौर पर एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के कारण भारत सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।

क्यों इतना महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचता है।

अनुमान है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा भाग इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है।

यदि इस रास्ते पर लंबे समय तक रुकावट बनी रहती, तो न केवल ऊर्जा बाजार बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता था।

भारत के लिए क्या होगा असर

भारत के लिए इन टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलना एक बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे घरेलू बाजार में एलपीजी की संभावित कमी को रोका जा सकेगा और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का खतरा भी कम होगा।

साथ ही यह घटना भारत की संतुलित और व्यावहारिक विदेश नीति का भी उदाहरण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन भारत ने अपने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए फिलहाल अपने ऊर्जा हितों की रक्षा करने में सफलता हासिल की है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षेत्रीय हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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