ईरान में दो नर्सों के साथ गैंगरेप: ईरान से दो नर्सों के साथ गैंगरेप की घटना सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ली गई।
दो नर्सों के साथ लगातार बलात्कार और गंभीर यौन हिंसा करने के आरोप लगे हैं।
ये दोनों नर्सें राजधानी तेहरान के एक अस्पताल में कार्यरत थीं और सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज करने के कारण उन्हें हिरासत में लिया गया था।
सुरक्षा अधिकारियों ने किया गैंगरेप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लेने के बाद दोनों नर्सों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
आरोप है कि सुरक्षा अधिकारियों ने कई दिनों तक उनके साथ गैंगरेप किया, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।
हिरासत के दौरान उनके साथ बार-बार हिंसा किए जाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि पीड़िताओं में से एक 33 वर्षीय नर्स को हिरासत के दौरान गंभीर यातनाओं का सामना करना पड़ा। लगातार हिंसा के कारण उसकी सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई।
सूत्रों के हवाले से ऐसा बताया जा रहा है कि उसे ऊंगलियों से छुने के साथ ही उसके एनस में कोई वस्तु डाली गई, जिससे उसे खूब ब्लिडिंग हुई। यहीं नहीं उसके साथ लगातार गैंगरेप किया गया।
हालत इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टरों को उसकी आंत का एक हिस्सा हटाना पड़ा, जिसके बाद से वह कोलोस्टोमी बैग के सहारे जीवन जीने को मजबूर है।
इसके अलावा उसके यूटरेस में भी गंभीर चोटे आई है और अब तक उसकी कई सर्जरी हो चुकी हैं।
आंत को निकालना पड़ा बाहर
दूसरी नर्स की स्थिति भी कम गंभीर नहीं बताई जा रही। उसे भी हिरासत में कथित रूप से क्रूर व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिससे उसके शरीर के अंदरूनी अंगों को भारी नुकसान पहुँचा।
चिकित्सकीय उपचार के दौरान डॉक्टरों को उसकी आंत का क्षतिग्रस्त हिस्सा निकालना पड़ा और उसे भी कोलोस्टोमी बैग लगाया गया।
अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने उसका गर्भाशय पूरी तरह निकालने का फैसला किया।
इस घटना ने न केवल उसकी शारीरिक सेहत पर बल्कि उसके भविष्य और निजी जीवन पर भी गहरा असर डाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि दोनों पीड़िताओं की मानसिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। उनमें से एक नर्स गहरे सदमे और मानसिक आघात से गुजर रही है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे लगातार निगरानी में रखा गया है ताकि वह खुद को नुकसान न पहुँचा सके।
उसकी सुरक्षा और उपचार के लिए विशेष चिकित्सकीय देखभाल की जा रही है।
कई महिलाओं की दी गई यातनाएं
इसी बीच ऐसी भी जानकारी सामने आई है कि हिरासत में ली गई अन्य कई महिलाओं को भी कठोर यातनाओं का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि दर्जनों महिलाओं को एक साथ हिरासत में रखकर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बंदियों के साथ अमानवीय तरीके अपनाए गए और उन्हें भय व दबाव के माहौल में रखा गया।
यह मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

