ईरान में हालात बेकाबू: ईरान में हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है।
देशभर में जारी हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने 8 जनवरी को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं।
अब इसे 100 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इंटरनेट बहाल नहीं किया गया है।
अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान 650 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 12 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईरान के 31 प्रांतों की 186 शहरों में कुल 585 से अधिक जगहों पर प्रदर्शन हो चुके हैं और कई इलाकों में अब भी विरोध जारी है।
तेहरान में 23 साल की छात्रा की गोली मारकर हत्या
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी तेहरान में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान 23 साल की एक छात्रा को सिर में गोली मार दी गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि कट्टरपंथी सरकार ने उसके परिवार को शव दफनाने तक की इजाजत नहीं दी। मजबूरन परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर ही उसका अंतिम संस्कार किया।
इस घटना के बाद गुस्साए लोग और ज्यादा संख्या में सड़कों पर उतर आए। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों पर लगातार लाठीचार्ज किया जा रहा है, जिससे हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
युवक को फांसी, सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने प्रदर्शन में शामिल 26 साल के युवक एरफान सोलतानी को फर्दीस से गिरफ्तार किया था। बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई।
इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे तानाशाही रवैया बताया है।
लॉस एंजिलिस में भी हिंसा, प्रदर्शनकारियों पर चढ़ाया ट्रक
इस बीच अमेरिका के लॉस एंजिलिस से भी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
वहां ईरान के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक व्यक्ति ने ट्रक चढ़ा दिया, जिसमें एक शख्स घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
विदेश मंत्री का बड़ा आरोप, मोसाद पर लगाया हिंसा भड़काने का दावा
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास आराघची ने दावा किया है कि पिछले 15 दिनों से जारी हिंसा के पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है।
उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे कई सबूत मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि हिंसक प्रदर्शनों को भड़काने में मोसाद की भूमिका रही है।
उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, इजरायल की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी का समर्थन, सरकार को बताया कायर
ईरान के स्व-निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि निहत्थे लोगों पर गोली चलाना सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसकी कायरता है।
रेजा पहलवी ने कहा “सरकार जानती है कि उसकी जमीन खिसक रही है, इसलिए वह डर के मारे जनता पर जुल्म कर रही है,
लेकिन हम उन्हें सिर्फ खून बहाने का मौका नहीं देंगे।”
उन्होंने दावा किया कि ईरान की आज़ादी अब ज्यादा दूर नहीं है और जनता का यह संघर्ष एक नया इतिहास रचेगा।

