Tuesday, January 13, 2026

India’s trade strike: तुर्की-अजरबैजान पर भारत की ट्रेड स्ट्राइक, पर्यटन-आयात का बॉयकाट कर दी गहरी चोट

India’s trade strike: भारत के व्यापारियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़े होने वाले तुर्की, अजरबैजान और चीन को आर्थिक मोर्चे पर करारा जवाब देना शुरू कर दिया है। देश में ‘ट्रेड स्ट्राइक’ का बिगुल बज गया है।

भारतीय व्यापारियों ने ठान लिया है कि वे इन देशों पर अपनी कमाई की एक फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं करेंगे। पुणे सहित विभिन्न शहरों के व्यापारियों ने तुर्की से सेब खरीदना पूरी तरह बंद करने का एलान किया है। वे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ईरान और अन्य

उदयपुर में मार्बल कारोबारियों ने तुर्की से व्यापार रोकने का निर्णय किया है। इसी तरह दिल्ली व अन्य बड़े शहरों के व्यापारियों ने चीन से भी सामान न मंगाने की घोषणा की है। इसी कड़ी में अजरबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द की हैं।

साथ ही अजरबैजान से आयात को भी रोक दिया गया है। भारतीय टूरिस्ट तुर्किये और अजरबैजान का बॉयकॉट कर रहे हैं। ‘मेक माइ ट्रिप’ के अनुसार पिछले एक हफ्ते में तुर्किये-अजरबैजान जाने वाले यात्रियों के कैंसिलेशन 250% बढ़े हैं।

इसी के साथ बुकिंग में 60% गिरावट आई है। अजरबैजान के लिए 30%, तुर्किये के लिए 22% कैंसलेशन बढ़े हैं। भारतीयों ने इन देशों को पिछले साल 4 हजार करोड़ रुपये दिए।

“बॉयकॉट तुर्की’ अभियान ने पकड़ा जोर

तुर्किये (तुर्की) की ओर से पाकिस्तान का खुलेआम समर्थन करने के बाद देशभर में “बॉयकॉट तुर्की’ अभियान ने जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र के पुणे से लेकर राजस्थान के उदयपुर तक व्यापारियों ने तुर्की से आयातित वस्तुओं का बहिष्कार कर तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर जवाब देने का एलान कर दिया है।

महाराष्ट्र के पुणे में व्यापारियों ने तुर्की से आयात होने वाले सेबों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी है। स्थानीय बाजारों से ये सेब गायब हो गए हैं और ग्राहकों ने भी इसका बहिष्कार कर दिया है।

हर साल पुणे के फलों के बाजार में तुर्की सेबों की हिस्सेदारी ₹1000 से ₹1200 करोड़ की होती है, लेकिन अब यह कारोबार ठप हो गया है।

तुर्की सेबों की मांग में 50% की गिरावट

पुणे के एपीएमसी (कृषि उत्पन्न बाजार समिति) मार्केट में सेब व्यापारी सय्योग जेंडे ने बताया कि हमने तुर्की से सेब मंगवाना पूरी तरह बंद कर दिया है।

अब हम हिमाचल, उत्तराखंड, ईरान और अन्य स्रोतों से सेब मंगा रहे हैं। यह फैसला देशभक्ति की भावना से प्रेरित है और सरकार के समर्थन में लिया गया है। एक अन्य फल व्यापारी ने कहा कि तुर्की सेबों की मांग में करीब 50% की गिरावट आई है और उपभोक्ता अब खुलकर उनका बहिष्कार कर रहे हैं।

पुणे के स्थानीय निवासियों ने भी इस बहिष्कार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

उदयपुर में तुर्की से मार्बल का आयात बंद

एशिया के सबसे बड़े मार्बल व्यापार केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले उदयपुर के व्यापारियों ने तुर्किये (तुर्की) से मार्बल का आयात बंद करने का फैसला किया है।

उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराणा ने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय किया कि जब तक तुर्किये पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, तब तक उससे व्यापार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि भारत में आयात होने वाले कुल मार्बल का करीब 70% हिस्सा तुर्किये से आता है, लेकिन अब यह आयात बंद किया जा रहा है।

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