व्हाइट हाउस: अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़े लोगों के हालात तेजी से बदल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सैन डिएगो स्थित USCIS कार्यालय में ग्रीन कार्ड इंटरव्यू देने पहुंचे कई लोगों को वहीं पर हिरासत में लिया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और जिनकी शादी अमेरिकी नागरिकों से हुई है।
इमिग्रेशन वकील सामन नस्सेरी ने बताया कि अब ऐसे लोग खास तौर पर निशाने पर हैं जिनकी वीज़ा वैधता खत्म हो चुकी है।
नस्सेरी के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में उनके 5 क्लाइंट्स को USCIS इंटरव्यू रूम में ही ICE एजेंटों ने हथकड़ी लगाकर हिरासत में ले लिया।
इनमें सभी लोग सिर्फ वीज़ा ओवरस्टे के मामलों में थे और नियमित प्रक्रिया के तहत ग्रीन कार्ड आवेदन कर रहे थे।
व्हाइट हाउस: अन्य वकीलों ने भी पुष्टि की बढ़ती सख्ती
लॉस एंजिलिस आधारित इमिग्रेशन वकील हबीब हासबिनी ने भी इसी तरह के मामलों की पुष्टि की।
उनके कई क्लाइंट्स को भी सैन डिएगो USCIS कार्यालय में इंटरव्यू के दौरान हिरासत में ले लिया गया है।
हासबिनी के अनुसार, 12 नवंबर 2025 के बाद ये कार्रवाई और तेज हो गई है।
वर्तमान में ये सख्ती मुख्य रूप से सैन डिएगो दफ्तर में देखी जा रही है, लेकिन इससे पूरे इमिग्रेशन समुदाय में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।
ग्रीन कार्ड की ‘सख्त समीक्षा’
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए और कठोर निर्देश जारी किए हैं।
एक अफगान नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड के दो जवानों पर गोलीबारी की घटना के बाद प्रशासन सभी उच्च-जोखिम वाले देशों से आए प्रवासियों के ग्रीन कार्ड की पुनः समीक्षा करेगा।
USCIS निदेशक जोसेफ एडलो के अनुसार, नई नीति 27 नवंबर 2025 के बाद दायर या लंबित सभी ग्रीन कार्ड आवेदनों पर लागू होगी।
इसका मतलब है कि ऐसे आवेदकों की पृष्ठभूमि जांच कहीं अधिक कड़ी और विस्तृत होगी।
19 उच्च-जोखिम वाले देश
अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल द्वारा गोलीबारी की घटना के बाद USCIS ने नए दिशानिर्देश जारी किए।
इनके तहत 19 देशों को उच्च-जोखिम श्रेणी में रखा गया है, जिनके नागरिकों की जांच में अतिरिक्त “नकारात्मक देश-विशिष्ट कारक” शामिल किए जाएंगे।
इन देशों में शामिल हैं
अफगानिस्तान, म्यांमा, बुरुंडी, चाड, कांगो, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन।
ट्रंप प्रशासन ने इन्हीं देशों को पहले जून में जारी आदेश के तहत यात्रा प्रतिबंध सूची में भी रखा था।
इमिग्रेशन समुदाय में डर और अनिश्चितता बढ़ी
रहमानुल्लाह लकनवाल, जो 2021 में ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका लाया गया था और घटना के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
वकीलों का मानना है कि USCIS और ICE की संयुक्त कार्रवाई आवेदकों में भारी डर पैदा कर रही है,
खासकर उन लोगों में जो शादी के माध्यम से स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में हैं लेकिन वीज़ा ओवरस्टे हैं।

