फरसा वाले बाबा की कैसे हुई मौत: उत्तर प्रदेश में मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे ब्रज क्षेत्र को चौंका दिया।
गौरक्षा के लिए समर्पित और फरसा वाले बाबा के नाम से विख्यात संत चंद्रशेखर महाराज की मृत्यु की खबर जैसे ही फैली तो पुरे जिले में तनाव का माहौल हो गया।
समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
प्रारंभिक सूचनाओं में इसे गोतस्करों द्वारा की गई हत्या बताया गया, जिसने जनभावनाओं को और अधिक भड़का दिया।
क्या है पूरा मामला
घटना शुक्रवार (20 मार्च 2026) तड़के करीब 4 बजे की है। सूत्रों के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि नवीपुर गांव के पास से गोतस्करों का एक ट्रक गुजरने वाला है।
निडर स्वभाव के धनी बाबा ने बिना समय गंवाए अकेले ही अपनी बाइक से संदिग्ध वाहनों का पीछा करना शुरू कर दिया।
इसी दौरान नवीपुर के पास एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें बाबा की बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी।
इस टक्कर में बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मचा बवाल
फरसा वाले बाबा की कैसे हुई मौत: बाबा की मृत्यु की खबर आग की तरह फैली और हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौरक्षक दिल्ली-आगरा हाईवे पर जमा हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई।
उग्र भीड़ ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे कई वाहनों के शीशे टूट गए और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालात को संभालने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती करनी पड़ी।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
मथुरा पुलिस की गहन जांच में इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। शनिवार (21 मार्च) को पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह घटना गौ-तस्करी से जुड़ी हत्या नहीं, बल्कि एक दुखद सड़क हादसा था।
पुलिस के अनुसार, उस समय क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ था और दृश्यता बहुत कम थी। बाबा ने जिस कंटेनर को रुकवाया था, उसमें गायों के बजाय किराने का सामान भरा था।
जिस ट्रक ने बाबा की बाइक को टक्कर मारी, उसमें लोहे के तार लदे थे और वह अनियंत्रित होकर टकरा गया था।
पुलिस ने साफ किया कि अब तक की जांच में गौ-तस्करी या हत्या की साजिश के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
साजिश और अफवाहों पर प्रशासन की पैनी नजर
प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या एक सड़क हादसे को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई थी।
पुलिस सूत्रों का अंदेशा है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर अफवाहें फैलाईं ताकि क्षेत्र में दंगा भड़क सके।
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों और कानून-व्यवस्था हाथ में लेने वालों की पहचान की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने की शांति की अपील
फरसा वाले बाबा की कैसे हुई मौत: संत चंद्रशेखर महाराज उर्फ फरसा वाले बाबा ब्रज क्षेत्र में गौरक्षा की एक बुलंद आवाज थे, यही कारण है कि उनकी मृत्यु ने लोगों को भावुक कर दिया है।
हालांकि, पुलिस द्वारा तथ्यों को स्पष्ट किए जाने के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात हैं और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
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