डीएमके के पदाधिकारी ने ढ़ाई साल की बच्ची से किया रेप: तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस जघन्य अपराध ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में सत्ताधारी दल Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) की यूथ विंग से जुड़े एक स्थानीय पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी अपनी लिव-इन पार्टनर और उसकी मासूम बच्ची के साथ रह रहा था।
बच्ची के पिता को हुआ शक
डीएमके के पदाधिकारी ने ढ़ाई साल की बच्ची से किया रेप: जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
आरोपी और उसकी पार्टनर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी से हुई मौत बताया जा रहा था, लेकिन बच्ची के पिता को इस घटना पर संदेह हुआ।
उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मामले की गहन जांच की मांग की।
बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान
पुलिस ने शिकायत के बाद बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया। शुरुआती रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को स्तब्ध कर दिया।
पोस्टमार्टम में बच्ची के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान मिले, जो यौन उत्पीड़न की ओर इशारा कर रहे थे।
रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
पुलिसिया पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और दुष्कर्म के साथ-साथ Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस फाइनल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
जांच अधिकारी इस मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस अपराध में किसी और की भी भूमिका रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों ने सख्त कार्रवाई और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
विपक्षी दलों ने भी राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि जब सत्ताधारी दल से जुड़े लोग ही ऐसे जघन्य अपराध में शामिल पाए जा रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

