सोशल मीडिया पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका से सामने आई एक तस्वीर ने अचानक सियासी और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। तस्वीर में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर एक पाकिस्तानी वरिष्ठ नेता से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। सवाल उठने लगे—आखिर यह मुलाकात क्यों हुई, किस मौके पर हुई और इसके मायने क्या हैं?
दरअसल, यह तस्वीर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार से जुड़ी है, जहां कई देशों के प्रतिनिधि श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
खालिदा जिया का ढाका में अंतिम संस्कार
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 31 दिसंबर 2025 को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू स्थित कब्रिस्तान में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
उन्हें अपने दिवंगत पति, पूर्व राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी जियाउर रहमान की कब्र के ठीक बगल में दफनाया गया।
अंतिम संस्कार में कई देशों के प्रतिनिधि, राजनयिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर विशेष रूप से ढाका पहुंचे।
तारिक रहमान से मुलाकात, मोदी का शोक पत्र सौंपा
ढाका पहुंचते ही विदेश मंत्री जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया शोक संदेश उन्हें सौंपा और भारत सरकार व जनता की तरफ से संवेदना प्रकट की।
मुलाकात के समय तारिक रहमान की बेटी जायमा रहमान भी मौजूद थीं। जयशंकर और तारिक रहमान के बीच हुआ हैंडशेक काफी चर्चा में रहा, क्योंकि यह ऐसे वक्त में हुआ है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता से ‘अन-ऑफिशियल’ मुलाकात
इसी कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मुलाकात पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनेता सरदार अयाज सादिक से भी हुई। अयाज सादिक पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी माने जाते हैं।
यह मुलाकात पूरी तरह अन-ऑफिशियल बताई जा रही है। न तो भारत और न ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान या तस्वीर जारी की है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच किसी भी तरह की द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई।
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं के बीच पहली प्रत्यक्ष मुलाकात मानी जा रही है, भले ही वह औपचारिक न हो।
कौन हैं सरदार अयाज सादिक?
सरदार अयाज सादिक पाकिस्तान की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे इससे पहले बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दिए गए एक बयान को लेकर चर्चा में रहे थे, जब उन्होंने तत्कालीन पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के दावों पर सार्वजनिक रूप से तंज कसा था।
उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय पायलट अभिनंदन को रिहा नहीं किया गया, तो भारत हमला कर देगा—और वही हुआ।
उनका यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में भी काफी चर्चित रहा था।
हसीना के सत्ता छोड़ने के बाद जयशंकर का पहला दौरा
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह विदेश मंत्री जयशंकर का पहला बांग्लादेश दौरा है। ऐसे समय में यह यात्रा और भी अहम मानी जा रही है, जब बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता, अंतरिम व्यवस्था और भारत-विरोधी गतिविधियों की चर्चाएं तेज हैं।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि जयशंकर ने खालिदा जिया के लोकतांत्रिक योगदान को स्वीकार करते हुए भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
फरवरी में चुनाव, तारिक रहमान की वापसी
खास बात यह भी है कि तारिक रहमान 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे हैं और उनकी पार्टी BNP फरवरी में होने वाले आम चुनाव में हिस्सा लेने जा रही है। तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
ऐसे में जयशंकर की यह मुलाकात केवल शोक संवेदना तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य की दिशा में एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है—खासकर उस पृष्ठभूमि में, जहां पाकिस्तान बांग्लादेश में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि ढाका में हुआ यह अंतिम संस्कार सिर्फ एक विदाई नहीं था, बल्कि दक्षिण एशिया की बदलती राजनीति और कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मंच भी बन गया।

