Saturday, March 28, 2026

जानें पाकिस्तान में सिलेंडर की कीमत, सिर्फ इतने दिनों का बचा स्टॉक

जानें पाकिस्तान में सिलेंडर की कीमत: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब पूरी दुनिया पर साफ दिखाई देने लगा है, और इसका सबसे बड़ा प्रभाव ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ रहा है।

कई देशों की तरह पाकिस्तान भी इस संकट से बुरी तरह जूझ रहा है। वहां एलपीजी गैस की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम लोगों की जिंदगी और ज्यादा मुश्किल हो गई है।

5135 रुपये तक हुई सिलेंडर की कीमत

हाल ही में पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 11.67 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है।

पहले जो सिलेंडर 3150 से 3950 रुपये के बीच मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 3900 से 5135 रुपये तक पहुंच गई है।

खासतौर पर पंजाब प्रांत के कई शहरों में यह बढ़ोतरी ज्यादा देखने को मिली है। इस अचानक महंगाई ने आम जनता के घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

किराए में बढ़ोत्तरी

एलपीजी के दाम बढ़ने का असर सिर्फ रसोई तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी पड़ा है।

पाकिस्तान में कई छोटे वाहन जैसे रिक्शा, मिनी बस और कुछ बसें एलपीजी से चलती हैं। जब ईंधन महंगा होता है, तो इसका सीधा असर किराए पर पड़ता है।

यही कारण है कि अब लोगों को रोजाना सफर करने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस महंगाई के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतें हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।

इसके कारण एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है। चूंकि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए इस तरह के वैश्विक संकट का असर वहां ज्यादा देखने को मिलता है।

जानें कितने दिनों का बच्चा है ईधन

पाकिस्तान की स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि उसके पास ऊर्जा संसाधनों का सीमित भंडार बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के पास कच्चे तेल का स्टॉक केवल 11 दिनों के लिए ही बचा है।

इसके अलावा डीजल लगभग 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, एलपीजी सिर्फ 9 दिन और जेट फ्यूल करीब 14 दिन तक ही उपलब्ध है।

यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि अगर जल्द ही आपूर्ति नहीं बढ़ी, तो हालात और भी खराब हो सकते हैं।

20 लाख टन एलपीजी की जरूरत

हर साल पाकिस्तान को करीब 20 लाख टन एलपीजी की जरूरत होती है, जिसमें से लगभग 12 लाख टन उसे दूसरे देशों से आयात करनी पड़ती है।

हाल ही में तीन जहाजों के जरिए करीब 20 हजार टन एलपीजी देश में पहुंची, लेकिन यह मात्रा मांग के मुकाबले बहुत कम है। यही कारण है कि ऊर्जा संकट और गहरा होता जा रहा है।

सरकार अब इस समस्या से निपटने के लिए नए विकल्प तलाश रही है। ईरान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत की जा रही है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर एलएनजी और अन्य ईंधनों की आपूर्ति में इसी तरह रुकावट बनी रही, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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