Tuesday, January 13, 2026

SIR के बाद भारत नेपाल सीमा पर संदिग्ध भीड़ में अचानक उछाल, भारत से भाग रहे घुसपैठिए

SIR

भागलपुर। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान एसआईआर के असर ने इंडो नेपाल सीमा की तस्वीर बदल दी है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और दस्तावेजों की जांच के डर से सीमाई इलाकों से संदिग्धों की आवाजाही अचानक तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में संदिग्ध लोग पश्चिम बंगाल के सीमाई जिलों से नेपाल की ओर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहले की तुलना में भीड़ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिस पर सीमा सुरक्षा बल एसएसबी लगातार कड़ी नजर रख रहा है।

पानी टंकी चेक पोस्ट और इंडो नेपाल आवाजाही पर सख्त नकेल

पश्चिम बंगाल के पानी टंकी चेक पोस्ट पर एसएसबी की ओर से बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह चेक पोस्ट इंडो नेपाल के बीच लोगों के नियमित आवागमन का प्रमुख रास्ता है, जहां अब हर आने जाने वाले व्यक्ति से दस्तावेज अनिवार्य रूप से मांगे जा रहे हैं।

इधर, बंगाल से बिहार की ओर आने वाली गाड़ियों की भी गहन जांच हो रही है। गाड़ियों में सवार यात्रियों की पहचान, कागजात और यात्रा के उद्देश्य की बारीक पड़ताल की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या समूह को बिना सत्यापन के आगे बढ़ने का मौका न मिल सके।

रोज 100 से 250 बिना आईडी वाले संदिग्ध रोककर लौटाए जा रहे

सूत्रों के अनुसार बीते लगभग दस दिनों से पानी टंकी चेक पोस्ट पर संदिग्धों की आवाजाही में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रोजाना लगभग सौ से ढाई सौ ऐसे लोग पकड़े जा रहे हैं जिनके पास किसी भी प्रकार की पहचान पत्र या वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता।

एसएसबी के जवान ऐसे सभी लोगों से गहन पूछताछ करने के बाद उन्हें सीमा के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहे हैं। बिना आईडी वालों को नियमपूर्वक बैरंग लौटा दिया जा रहा है। इससे अवैध घुसपैठ की संभावनाओं पर तत्काल अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है और स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

ग्रामीणों की सतर्कता, नो मेंस लैंड में संदिग्धों को खदेड़ा गया

एक सप्ताह पहले अररिया जिले के बसमतिया के समीप इंडो नेपाल के नो मेंस लैंड क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगों को घुसने की कोशिश करते देखा गया। ग्रामीणों ने स्थिति भांपते ही उन्हें तुरंत खदेड़ दिया और सुरक्षा बलों को सूचना देकर इलाके की ओर बढ़ते खतरे को समय रहते टाल दिया।

इसी प्रकार का दृश्य फुलकाहा के आसपास भी देखने को मिला, जहां एसएसबी जवानों की मुस्तैदी के चलते संदिग्ध लोग सीमा के भीतर प्रवेश नहीं कर सके। जवानों ने पूछताछ और प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भी आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा तंत्र के सक्रिय होने का संकेत मिलता है।

अररिया किशनगंज सुपौल के नो मेंस लैंड पर कड़ी चौकसी

अररिया, किशनगंज और सुपौल जिलों के नो मेंस लैंड इलाके में एसएसबी ने विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। इन जिलों के सीमाई हिस्सों को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त गश्त, मौके पर नाकाबंदी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

नो मेंस लैंड में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के दस्तावेज, यात्रा का उद्देश्य और सीमा के दोनों ओर से जुड़े संपर्कों की जानकारी खंगाली जा रही है। एहतियात के तौर पर बिना स्पष्ट पहचान और ठोस कारण के किसी को भी सीमा के आर पार जाने की छुट नहीं दी जा रही है, जिससे घुसपैठ की कोशिशें नाकाम हों।

जोगबनी से पोरस बॉर्डर तक सघन जांच, नेपाल मार्ग पर कड़ी निगरानी

एसआईआर के चलते पश्चिम बंगाल में रह रहे बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों पर शिकंजा कसता दिख रहा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद दस्तावेज जांच की आहट से इन घुसपैठियों के पसीने छूट रहे हैं और कई लोग अपने देश वापस जाने की जुगत में हैं, पर सीधे मार्ग पर सुरक्षा अत्यधिक कड़ी है।

बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सघन होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि ये घुसपैठिए नेपाल का रास्ता पकड़कर निकलने की कोशिश कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए अररिया के इंडो नेपाल सीमा क्षेत्र में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है और जोगबनी से लेकर पोरस बॉर्डर तक सघन जांच अभियान जारी है।

एसएसबी अधिकारियों के निर्देश, हर संदिग्ध पर सख्त नजर

एसएसबी की छप्पनवीं बटालियन के द्वितीय सेनानायक संजीव कुमार ने बताया कि जोगबनी से पोरस बॉर्डर तक सुरक्षा बलों द्वारा गहन जांच की जा रही है। बॉर्डर पार करने वाले हर व्यक्ति के दस्तावेज, पहचान और यात्रा से जुड़े विवरणों की बारीकी से जांच सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को सीमा पार नहीं करने दिया जाएगा। जांच के दौरान अगर किसी के कागजात संदिग्ध या अधूरे पाए जाते हैं तो उसे तत्काल रोककर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जवानों को अतिरिक्त अलर्ट मोड में रखा गया है और अचानक जांच के दौर भी जारी हैं।

कोसी नदी, पगडंडियां और चेकपोस्ट भी हाई अलर्ट पर

सुपौल से सटे नेपाल सीमा क्षेत्र में नेपाल से भारत आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सामान की जांच डॉग स्क्वॉड की मदद से की जा रही है। किसी भी पैकेट, बैग या संदिग्ध वस्तु को बिना जांच के आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा, जिससे तस्करी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगे।

सत्यापन के बाद ही लोगों को भारत में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। सुपौल जिले की सीमा से जुड़े सभी चेकपोस्ट के साथ साथ कोसी नदी के किनारे बने अनौपचारिक रास्तों और पगडंडियों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति सुरक्षित मार्ग छोड़कर छुपे रास्तों से घुसने में सफल न हो सके।

दिल्ली धमाके के बाद सख्ती, सीमा हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील

एसएसबी अधिकारियों के सेकेंड कमांडिंग ऑफिसर जगदीश शर्मा के अनुसार दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम धमाके के बाद सीमा पर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी अलर्ट के बाद पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इस अलर्ट के चलते न केवल नियमित जांच बढ़ाई गई है, बल्कि संदिग्ध हलचल, असामान्य भीड़ और अचानक बदलते रूट पैटर्न पर भी खुफिया तरीके से नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन, खुफिया इकाइयों और एसएसबी के बीच समन्वय को मजबूत कर हर सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा रही है।

खुफिया इनपुट, सीमावर्ती जिलों के कच्चे रास्तों पर नजर

खुफिया सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई है कि घुसपैठियों का एक बड़ा समूह सीमावर्ती जिलों दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर और कूचबिहार के कच्चे रास्तों का इस्तेमाल कर नेपाल में प्रवेश की फिराक में है। इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति और घने इलाकों के कारण ये रास्ते संवेदनशील माने जा रहे हैं।

इसी खतरे को देखते हुए एसएसबी के जवानों ने सीमा पर चौकसी और जांच पड़ताल का दायरा काफी बढ़ा दिया है। कई संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त गश्ती दल तैनात किए गए हैं, जो दिन रात इलाके में घूमते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और स्थानीय गांवों से भी लगातार इनपुट ले रहे हैं।

सीसीटीवी और ड्रोन से इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, जवानों की चौबीसों घंटे गश्त

सीमा के अनेक बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक निगरानी शुरू कर दी गई है। ऊंचे स्थानों और कठिन भूभाग वाले हिस्सों में ड्रोन की मदद से भी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जमीनी गश्त से बच निकलने वाली कोई हलचल कैमरों की पकड़ से न छूट सके।

पटना स्थित एसएसबी के आईजी ने इस पूरे मामले पर विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार चौबीसों घंटे बॉर्डर और नो मेंस लैंड इलाके में चेकिंग लगाई गई है, सीमा पार करने वाले हर व्यक्ति के दस्तावेजों की गहनता से जांच हो रही है और बिना पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

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Mudit
Mudit
लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं और 9 वर्षों से भारतीय इतिहास, धर्म, संस्कृति, शिक्षा एवं राजनीति पर गंभीर लेखन कर रहे हैं।
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