मध्य प्रदेश: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार हाल ही में जिले के दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन पर कई राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें उन्होंने हिस्सा लिया।
जिले में उनके दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। जगह-जगह उनका स्वागत हुआ और पार्टी पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात की।
मध्य प्रदेश: बिना बुलाए नेता प्रतिपक्ष के साथ वहां चले गए
इसी दौरान एक रोचक और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई।
अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार, जब उमंग सिंघार एक दूसरे जिले के कांग्रेस अध्यक्ष के रिश्तेदार के घर मुलाकात के लिए पहुंचे, तो उनके साथ जिले के दो स्थानीय नेता भी वहां पहुंच गए।
इन दोनों नेताओं में से एक पड़ोसी क्षेत्र का विधायक था, जबकि दूसरा जिला कांग्रेस संगठन में बड़े पद पर बैठा हुआ नेता था।
बताया जा रहा है कि दोनों नेता खुद ही बिना बुलाए नेता प्रतिपक्ष के साथ वहां चले गए। शायद वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते थे और सोच रहे थे कि इससे उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत होगी।
जब सभी लोग कमरे में बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक वहां बैठे लोगों को अजीब सी बदबू महसूस होने लगी।
आप दोनों के मोजों से बदबू आ रही
शुरुआत में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। सभी यही सोच रहे थे कि शायद बाहर से कोई गंध आ रही होगी, लेकिन कुछ ही देर में बदबू तेज होने लगी और माहौल थोड़ा असहज हो गया।
कमरे में बैठे लोग एक-दूसरे की तरफ देखने लगे, लेकिन कोई कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
कुछ समय बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को एहसास हुआ कि यह बदबू बाहर से नहीं, बल्कि पास बैठे दोनों नेताओं के मोजों से आ रही है।
उन्होंने बिना किसी झिझक के दोनों नेताओं को टोकते हुए कहा “आप दोनों के मोजों से बदबू आ रही है, कृपया यहां से उठ जाइए।”
यह सुनते ही कमरे में सन्नाटा छा गया। दोनों नेताओं के चेहरे उतर गए। चूंकि टोकने वाले खुद नेता प्रतिपक्ष थे, इसलिए दोनों नेताओं ने कोई बहस नहीं की।
वे चुपचाप छोटा सा मुंह बनाकर वहां से उठ गए। बताया जा रहा है कि दोनों नेता अब भी बदबूदार मोजे पहने हुए ही बाहर चले गए।
राजनीति गलियारें में चर्चा
हालांकि इस पूरी घटना में दोनों नेताओं की कोई खास गलती भी नहीं मानी जा सकती। दरअसल दोनों नेता सुबह से ही नेता प्रतिपक्ष की अगवानी में लगे हुए थे।
कार्यक्रम दर कार्यक्रम चलते रहे और इसी हड़बड़ी में वे नए मोजे पहनना भूल गए। लगातार भागदौड़ के कारण उन्हें इस बात का ध्यान ही नहीं रहा कि उनके मोजों से बदबू आने लगी है,
लेकिन इस घटना से दोनों नेताओं को एक बड़ा सबक जरूर मिल गया। राजनीति में दिखावे और जबरदस्ती साथ चलने से कई बार ऐसी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
बिना बुलाए किसी के साथ जाना कई बार भारी पड़ सकता है। कहा भी जाता है कि जब किसी के घर मेहमान जाएं, तो बिना बुलाए ठसना नहीं चाहिए।
खासकर जब आप किसी और के मेहमान के साथ ठसेंगे, तो ऐसी ही परेशानी में फंस सकते हैं।
इस घटना के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चाएं हो रही हैं। लोग इसे मजेदार किस्सा बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे शिष्टाचार का मामला भी बता रहे हैं।
कुल मिलाकर यह घटना नेताओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है और लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

