Wednesday, February 11, 2026

अवैध घुसपैठ पर सीएम योगी की कड़ी चेतावनी, बनाए डिटेंशन सेंटर, जनता को लिखा पत्र

सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद योगी सरकार सक्रिय

सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान आई महत्वपूर्ण टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश सरकार को अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर व्यापक कार्रवाई के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाया जा सकता और न ही किसी कीमत पर उन्हें स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसाधनों पर अधिकार नागरिकों का है, घुसपैठियों का नहीं। ट्विटर पर पत्र के साथ उन्होंने लिखा –

“मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों, उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। मैं प्रदेश की जागरूक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करे। प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।”

रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर निर्णायक फैसले

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की उपस्थिति पर निर्णायक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

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अवैध घुसपैठ पर सीएम योगी की कड़ी चेतावनी, बनाए डिटेंशन सेंटर, जनता को लिखा पत्र 2

सभी नगरीय निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत बिना अनुमति कब्जे में ली गई सार्वजनिक भूमि और भवनों को भी खाली कराया जाएगा, ताकि योजनाओं के लाभ वास्तविक पात्रों तक ही पहुँचें।

विशेष अभियान, डिटेंशन केंद्र और कानूनी कार्रवाई तेज

राज्य में विदेशी घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए विशेष अभियान चल रहा है। चिन्हित व्यक्तियों को डिटेंशन केंद्र भेजने की कार्रवाई हो रही है।

प्रदेश के प्रत्येक मंडल में डिटेंशन केंद्रों की स्थापना प्रक्रिया जारी है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवैध रूप से रह रहे किसी भी व्यक्ति को न तो संरक्षण मिले और न ही वह किसी संस्थान के लाभ का पात्र बने।

नागरिकों से सतर्क रहने और पहचान सुनिश्चित करने की अपील

योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने आस-पास रहने वाले व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित किए बिना किसी प्रकार का कार्य या आवासगत सुविधा उपलब्ध न कराएं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा ही समृद्धि की आधारशिला है। इसलिए नागरिकों का सतर्क रहना उतना ही आवश्यक है जितना प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई।

सरकारी तंत्र को कठोरता बरतने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

अवैध घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पत्र के माध्यम से सीएम ने दी स्पष्ट नीति दिशा

इस विस्तृत पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त नीति अपनाने जा रही है। प्रदेश में विदेशी नागरिकों की व्यवस्थित पहचान, उनके निवास पर निगरानी और कानूनी निष्कासन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी सरकार का यह कदम राज्य की सुरक्षा नीति को कठोर और स्पष्ट दिशा देता है। न्यायालय की टिप्पणी के बाद राज्य प्रशासन और नागरिक समाज दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे मिलकर प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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Samudra
Samudra
लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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