Thursday, March 19, 2026

चित्रा त्रिपाठी बायोग्राफी: गोरखपुर की गलियों से दिल्ली के न्यूज़ रूम तक, एक साधारण लड़की के असाधारण सफर की अनकही दास्तान

चित्रा त्रिपाठी बायोग्राफी: क्या आपने कभी सोचा है कि न्यूज़ की उस चमक-धमक वाली दुनिया में वो कौन सा चेहरा है, जिसकी बुलंद आवाज़ जब टीवी पर गूँजती है तो बड़े-बड़े नेताओं के पसीने छूट जाते हैं? कौन है वो महिला, जिसने अपनी आँखों में फौजी बनने का सपना सजाया था, लेकिन आज उसका माइक किसी हथियार से कम शक्तिशाली नहीं है?

कल्पना कीजिए उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर गोरखपुर की एक ऐसी लड़की की, जिसने चुप्पी साधने के बजाय हाथ में माइक्रोफोन उठाना और सीमाओं में बंधने के बजाय अपने सपनों के पीछे भागना चुना।

उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में पत्रकारिता की उस दुनिया में कदम रखा, जहाँ कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं था। वहाँ था तो बस दिन-रात का कड़ा परिश्रम, तेज़ दिमाग और एक ऐसा आत्मविश्वास जिसे कोई नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता था।

एक साधारण शुरुआत से उन्होंने न केवल सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ीं, बल्कि अपना एक अलग रास्ता बनाया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को हिंदी न्यूज़ मीडिया के सबसे मशहूर और भरोसेमंद चेहरों में बदल दिया।

सालों की मेहनत से उन्होंने राजनीति और समाज को समझने की अपनी कला को इतना निखारा कि आज जब वे स्क्रीन पर आती हैं, तो अपनी साफ़ बात और धाकड़ अंदाज़ से एक अलग ही छाप छोड़ देती हैं।

चाहे वह चुनाव के समय धूल भरी सड़कों पर की गई रिपोर्टिंग हो या स्टूडियो में बैठकर देश की सबसे बड़ी बहस का नेतृत्व करना, उनकी मौजूदगी हर जगह साफ़ महसूस की जाती है।

अपने निडर और जोशीले अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वाली यह पत्रकार तथ्यों को पूरी सटीकता से सामने रखती हैं और वो कठिन सवाल पूछती हैं, जिन्हें पूछने की हिम्मत बहुत कम लोगों में होती है।

जी हाँ, इस निडर आवाज़ के पीछे का नाम है, चित्रा त्रिपाठी।

व्यक्तिगत परिचय :

श्रेणी विवरण
पूरा नाम चित्रा त्रिपाठी
जन्म तिथि11 मई 1986
जन्म स्थान गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
पेशा वरिष्ठ पत्रकार, टीवी न्यूज़ एंकर
शिक्षा मास्टर्स (विषय: रक्षा अध्ययन) तथा पत्रकारिता से सम्बंधित पढ़ाई
करियर शुरुआत 2005 में दूरदर्शन केन्द्र, गोरखपुर से
प्रमुख चैनल/कार्य Sahara India, India News, News24, ETV, ABP News, Aaj तक, ABP News पर शो “2019 Kaun Jeetega”, “Press Conference” आदि
Aaj Tak पर भूमिका उप-संपादक (Deputy Editor), प्रमुख एंकर
प्रमुख कवरेज राजनीतिक और रक्षा मामलों की रिपोर्टिंग
पुरस्कार रामनाथ गोयनका उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार आदि
पारिवारिक जीवन 2008 में पत्रकार अतुल अग्रवाल से विवाह, एक पुत्र (Aum)
हाल का व्यक्तिगत बदलाव 2025 में 16 वर्षों के बाद तलाक हुआ (दोनों मिलकर बेटे का पालन‑पोषण जारी)
शौक/रुचियाँ पढ़ना, यात्रा करना, रिपोर्टिंग
सामाजिक मीडिया इंस्टाग्राम एवं ट्विटर पर सक्रिय प्रोफाइल

शुरूआती जीवन :

चित्रा त्रिपाठी के शुरुआती जीवन की कहानी बहुत ही सरल लेकिन प्रेरणादायक है।

बचपन और परिवार :

चित्रा त्रिपाठी का जन्म 11 मई 1986 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में हुआ था। वह एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार में पली-बढ़ीं। उनके परिवार में पढ़ाई-लिखाई और अनुशासन को बहुत महत्व दिया जाता था, जिसका असर उनके व्यक्तित्व पर भी साफ दिखता है।

शिक्षा (Education)

स्कूली शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गोरखपुर के स्थानीय स्कूल से ही पूरी की।

उच्च शिक्षा: ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से ‘रक्षा अध्ययन’ (Defense Studies) में पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) किया। यही कारण है कि वे सेना और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहुत सटीक रिपोर्टिंग करती हैं।

सेना में जाने का सपना :

बहुत कम लोग जानते हैं कि चित्रा कभी पत्रकार नहीं बनना चाहती थीं। उनका असली सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना था।

वह कॉलेज के दिनों में NCC (National Cadet Corps) की एक बहुत सक्रिय कैडेट थीं।

उनके पास NCC का ‘C’ सर्टिफिकेट भी है।

उन्होंने दिल्ली के राजपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया था।

एक छोटा सा मोड़ और बड़ी शुरुआत :

जब किस्मत ने उन्हें सेना की वर्दी की जगह माइक थामने का मौका दिया, तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। गोरखपुर जैसे छोटे शहर की इस लड़की ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता।

शिक्षा और ट्रेनिंग :

चित्रा त्रिपाठी की शिक्षा और ट्रेनिंग की कहानी यह दर्शाती है कि वह शुरू से ही एक मेधावी और अनुशासित छात्रा रही हैं।

स्कूली शिक्षा और कॉलेज :

चित्रा की शुरुआती पढ़ाई उनके गृहनगर गोरखपुर में हुई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए गोरखपुर के प्रसिद्ध दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया।

मुख्य डिग्री (Higher Education) :

रक्षा अध्ययन (Defense Studies): चित्रा ने इसी विषय में अपनी मास्टर डिग्री (Post-Graduation) पूरी की। यही वजह है कि जब वे सेना, हथियारों या युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करती हैं, तो उनकी जानकारी बहुत गहरी और सटीक होती है।

विशेष ट्रेनिंग और NCC का अनुभव :

पत्रकारिता में आने से पहले उनकी ट्रेनिंग किसी फौजी से कम नहीं थी

NCC ‘C’ सर्टिफिकेट: उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (NCC) में कड़ी ट्रेनिंग ली और प्रतिष्ठित ‘C’ सर्टिफिकेट हासिल किया।

राजपथ परेड: उनके अनुशासन का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) के लिए चुना गया था, जहाँ उन्होंने राजपथ पर मार्च किया था।

पत्रकारिता की ट्रेनिंग (Media Entry) :

हालाँकि उन्होंने औपचारिक रूप से किसी बड़े मीडिया स्कूल से लंबी डिग्री नहीं ली थी, लेकिन उनकी असली ट्रेनिंग मैदान (Field) में हुई:

शुरुआती अनुभव: उन्होंने गोरखपुर के एक स्थानीय न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप और छोटे असाइनमेंट के ज़रिए कैमरे का सामना करना सीखा।

भाषा पर पकड़: उनकी हिंदी भाषा और उच्चारण (Diction) पर पकड़ इतनी मज़बूत थी कि उन्हें न्यूज़ रूम में बहुत जल्दी पहचान मिल गई।

एक रोचक तथ्य: चित्रा अक्सर कहती हैं कि NCC की ट्रेनिंग ने उन्हें वो मानसिक मजबूती दी, जिसकी वजह से आज वे बिना डरे युद्ध के मैदान या भीड़ के बीच जाकर रिपोर्टिंग कर पाती हैं।

पत्रकारिता के सफर की शुरुआत :

चित्रा त्रिपाठी के पत्रकारिता के सफर की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी की तरह रोमांचक रही है। उन्होंने एक छोटे से शहर से निकलकर दिल्ली के न्यूज़ रूम्स तक का सफर अपनी मेहनत और ज़िद के दम पर तय किया।

  1. पहला कदम: गोरखपुर से शुरुआत (2004-2005) :

चित्रा का पत्रकारिता में आना एक इत्तेफाक था। जब वे गोरखपुर विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्होंने गोरखपुर के एक स्थानीय न्यूज़ चैनल (STV) में एक कैजुअल एंकर के रूप में काम करना शुरू किया। वहाँ उन्हें पहली बार कैमरे का सामना करने का अनुभव मिला। उनकी साफ़ आवाज़ और आत्मविश्वास ने लोगों का ध्यान खींचा।

  1. दिल्ली का रुख और संघर्ष (2005) :

एक छोटे शहर के चैनल में काम करने के बाद, चित्रा के सपने बड़े हो गए। वे 2005 में अपनी किस्मत आज़माने देश की राजधानी दिल्ली आ गईं। दिल्ली में एक नए पत्रकार के लिए जगह बनाना बहुत मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

  1. सहारा समय (पहला बड़ा ब्रेक) :

दिल्ली आने के बाद उन्हें ‘सहारा समय’ (Sahara Samay) न्यूज़ चैनल में काम करने का मौका मिला। यहाँ उन्होंने न्यूज़ रूम की बारीकियों को समझा। यह उनके करियर का वह दौर था जहाँ उन्होंने सीखा कि

न्यूज़ कैसे लिखी जाती है।

रिपोर्टिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखा जाता है।

कैमरे के सामने बिना डरे कैसे बोला जाता है।

  1. इंडिया न्यूज़ और न्यूज़ 24 (पहचान की तलाश) :

सहारा के बाद, उन्होंने ‘इंडिया न्यूज़’ और फिर ‘न्यूज़ 24’ जैसे चैनलों में काम किया। इन चैनलों में काम करते हुए उनकी पहचान एक ‘तेज़-तर्रार’ एंकर के रूप में होने लगी। वे केवल स्टूडियो में बैठकर न्यूज़ नहीं पढ़ती थीं, बल्कि फील्ड में जाकर रिपोर्टिंग करना भी उन्हें बहुत पसंद था।

करियर का विकास :

चित्रा त्रिपाठी का करियर ग्राफ किसी रॉकेट की रफ्तार की तरह ऊपर गया है। उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर खुद को एक साधारण एंकर से देश की ‘स्टार पत्रकार’ के रूप में स्थापित किया।

  1. पहचान बनाने का दौर (2009 – 2016) :

‘सहारा समय’ से शुरुआत करने के बाद, चित्रा ने इंडिया न्यूज़ (India News) और न्यूज़ 24 (News 24) में अपनी जगह बनाई।

यहाँ उन्होंने बड़े प्राइम-टाइम शो होस्ट करने शुरू किए।

उनकी भाषा और तीखे सवालों के अंदाज़ ने उन्हें न्यूज़ इंडस्ट्री में एक नई पहचान दी।

  1. सफलता का शिखर: ABP न्यूज़ (2016 – 2019)

चित्रा के करियर में सबसे बड़ा उछाल 2016 में आया जब उन्होंने ABP न्यूज़ ज्वाइन किया। यहाँ उन्होंने पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित किए

बुलेट रिपोर्टर: उन्होंने अपनी रॉयल एनफील्ड बुलेट पर सवार होकर पूरे देश से चुनावी रिपोर्टिंग की। यह शो इतना हिट हुआ कि हर कोई उन्हें ‘बुलेट रिपोर्टर’ के नाम से जानने लगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस: उन्होंने इस मशहूर शो को होस्ट किया, जहाँ वे देश की बड़ी हस्तियों से तीखे सवाल पूछती थीं।

सम्मान: इसी दौरान उन्हें पत्रकारिता का सबसे बड़ा सम्मान ‘रामनाथ गोयनका अवॉर्ड’ मिला।

  1. आज तक: न्यूज़ की दुनिया की रानी (2019 – वर्तमान) :

फरवरी 2019 में चित्रा ने देश के सबसे बड़े न्यूज़ चैनल ‘आज तक’ (Aaj Tak) का दामन थामा। यहाँ उनकी तरक्की ने एक नया मुकाम हासिल किया:

शंखनाद: उनका शाम का शो ‘शंखनाद’ टीआरपी की रेस में हमेशा आगे रहता है।

डिप्टी एडिटर: वे आज तक में ‘डिप्टी एडिटर’ के पद पर हैं, जो यह दर्शाता है कि वे न केवल एक एंकर हैं, बल्कि चैनल की बड़ी ज़िम्मेदारियाँ भी संभालती हैं।

इंटरनेशनल रिपोर्टिंग: उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी बड़ी घटनाओं की ज़मीनी रिपोर्टिंग की, जिससे साबित हो गया कि वे केवल स्टूडियो की नहीं, बल्कि मैदान की भी माहिर खिलाड़ी हैं।

पुरस्कार और सम्मान (Awards & Achievements) :

वर्षपुरस्कार का नामकिसलिए दिया गया
2015रामनाथ गोयनका अवॉर्डकश्मीर में आई भीषण बाढ़ की बेहतरीन ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए।
2025बिहार गौरव अस्मिता अवॉर्डपत्रकारिता में उनके विशेष योगदान और बिहार से जुड़ी शानदार कवरेज के लिए।
2016बेस्ट रिपोर्टर अवॉर्डसियाचिन (दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र) से साहसी रिपोर्टिंग के लिए।
बेस्ट एंकर अवॉर्ड‘न्यूज़ एसोसिएशन’ द्वारा उनकी बेहतरीन एंकरिंग शैली के लिए दिया गया।
NCC ‘C’ सर्टिफिकेटकॉलेज के दिनों में अनुशासन और कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के लिए।

निजी जिंदगी :

चित्रा त्रिपाठी की निजी जिंदगी सादगी और पेशेवर संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण है।

परिवार और वैवाहिक जीवन :

जीवनसाथी: चित्रा त्रिपाठी ने साल 2008 में अतुल अग्रवाल से शादी की थी। अतुल अग्रवाल भी मीडिया जगत का एक बहुत बड़ा और सम्मानित नाम हैं। वे एक अनुभवी न्यूज़ एंकर और संपादक हैं।

बेटा: उनका एक प्यारा सा बेटा है, जिसका नाम मन्विक (Manvik) है। चित्रा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने बेटे के साथ तस्वीरें साझा करती हैं, जिससे पता चलता है कि वे एक व्यस्त पत्रकार होने के साथ-साथ एक समर्पित माँ भी हैं।

रुचियाँ और पसंद (Interests) :

चित्रा को केवल खबरें पढ़ना ही पसंद नहीं है, बल्कि उनकी कुछ व्यक्तिगत पसंद भी उन्हें खास बनाती हैं

घूमना-फिरना: उन्हें नई जगहों पर जाना और वहां की संस्कृति को समझना बहुत पसंद है। यही कारण है कि उनकी ‘ग्राउंड रिपोर्टिंग’ में एक अलग ही सजीवता (Realism) दिखती है।

बुलेट चलाना: जैसा कि उनके शो ‘बुलेट रिपोर्टर’ से जाहिर है, उन्हें रॉयल एनफील्ड बुलेट चलाने का बहुत शौक है। यह उनके साहसी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

लेखन: वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार लिखना पसंद करती हैं।

स्वभाव और व्यक्तित्व :

सादगी: इतने बड़े मुकाम पर पहुँचने के बाद भी चित्रा अपने जड़ों से जुड़ी हुई हैं। वे अक्सर अपने गाँव और गोरखपुर की यादें साझा करती रहती हैं।

धार्मिक जुड़ाव: वे एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला हैं और अक्सर त्योहारों या विशेष अवसरों पर पूजा-पाठ और परंपराओं का पालन करते हुए देखी जाती हैं।

सोशल मीडिया: वे इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर काफी सक्रिय हैं, जहाँ वे अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ की झलकियाँ भी अपने फैंस के साथ शेयर करती हैं।

सामाजिक मीडिया और सार्वजनिक छवि :

चित्रा त्रिपाठी केवल टीवी स्क्रीन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया की दुनिया में भी उनकी जबरदस्त धमक है। उनकी पब्लिक इमेज एक ऐसी पत्रकार की है जो जितनी स्टूडियो में सक्रिय हैं, उतनी ही मुखर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी रहती हैं।

सोशल मीडिया की ताकत :

चित्रा त्रिपाठी उन चुनिंदा पत्रकारों में से हैं जिनके पास एक बहुत बड़ा डिजिटल फॉलोअर बेस है।

प्लेटफॉर्म्स: वे Twitter (X), Instagram और Facebook पर बहुत सक्रिय रहती हैं।

अनुयायी (Followers): उनके करोड़ों चाहने वाले हैं जो उनकी हर पोस्ट और वीडियो पर अपनी राय देते हैं। उनके ट्वीट्स अक्सर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन जाते हैं।

जुड़ाव: वे केवल खबरें साझा नहीं करतीं, बल्कि अक्सर अपने निजी जीवन की झलकियाँ, अपनी राय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी कविताएं या विचार भी शेयर करती हैं।

सार्वजनिक छवि (Public Image) :

जनता के बीच चित्रा त्रिपाठी की छवि के दो मुख्य पहलू हैं :

एक साहसी पत्रकार: आम जनता उन्हें एक ऐसी महिला के रूप में देखती है जो जोखिम उठाने से नहीं डरती। उनकी ‘बुलेट रिपोर्टर’ वाली इमेज ने उन्हें युवाओं और खास तौर पर महिलाओं के बीच एक ‘रोल मॉडल’ बना दिया है।

तीखी और स्पष्टवादी: वे अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। चाहे न्यूज़ डिबेट हो या सोशल मीडिया पर किसी ट्रोल को जवाब देना, वे अपनी बात पूरी स्पष्टता और शालीनता के साथ रखना जानती हैं।

विवाद और सुर्खियां (Controversies & Headlines) :

एक हाई-प्रोफाइल पत्रकार होने के नाते, वे अक्सर चर्चा और विवादों के केंद्र में भी रहती हैं:

सोशल मीडिया वार: समय-समय पर राजनेताओं (जैसे हाल ही में कांग्रेस या आरजेडी प्रवक्ताओं) के साथ उनकी तीखी बहसें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं।

ट्रोल्स को जवाब: चित्रा उन पत्रकारों में से हैं जो फेक न्यूज़ या व्यक्तिगत हमलों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने और खुलकर बोलने से नहीं हिचकिचातीं। हाल के दिनों में उन्होंने अपनी निजी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले ट्रोल्स को कड़ी चेतावनी भी दी है।

बिहार अस्मिता अवार्ड: उन्हें मिले पुरस्कारों पर भी कभी-कभी राजनीतिक बहस छिड़ जाती है, लेकिन वे अपनी उपलब्धियों और काम से अपने आलोचकों को जवाब देना बेहतर समझती हैं।

विवाद और चुनौतियाँ :

एक सफल और हाई-प्रोफाइल पत्रकार होने के नाते, चित्रा त्रिपाठी का सफर केवल तालियों और पुरस्कारों तक ही सीमित नहीं रहा है। उन्हें कई बार तीखी आलोचनाओं, पेशेवर चुनौतियों और निजी जीवन से जुड़े विवादों का सामना भी करना पड़ा है।

  1. चैनलों के बीच आवाजाही (The Resignation Saga) :

चित्रा त्रिपाठी के करियर में सबसे ज़्यादा चर्चा उनके इस्तीफों और चैनल बदलने को लेकर रही है

आज तक से इस्तीफा (2022): साल 2022 में उन्होंने ‘आज तक’ छोड़कर ABP न्यूज़ ज्वाइन किया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि वे वहां केवल दो दिन रहीं और फिर वापस ‘आज तक’ लौट आईं। इस ‘दो दिन की घर वापसी’ ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं और लोगों ने इसे लेकर उन्हें काफी ट्रोल भी किया।

2024-25 का बदलाव: हाल ही में (2024-25 के दौरान) उनके फिर से ‘आज तक’ छोड़ने और अन्य बड़े मीडिया घरानों के साथ जुड़ने की खबरों ने मीडिया जगत में हलचल पैदा की। उनके शो के नामों (जैसे ‘दंगल’ बनाम ‘महादंगल’) को लेकर भी कानूनी विवाद सामने आए हैं।

  1. बिहार अस्मिता अवार्ड पर विवाद :

साल 2024-25 के दौरान जब उन्हें ‘बिहार अस्मिता सम्मान’ से नवाजा गया, तो एक बड़ा विवाद छिड़ गया।

आलोचना: कई लोगों और आलोचकों ने सवाल उठाया कि एक पत्रकार जो उत्तर प्रदेश (गोरखपुर) से ताल्लुक रखती हैं, उन्हें बिहार का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार क्यों दिया जा रहा है।

तर्क: आलोचकों का कहना था कि यह पुरस्कार पत्रकारिता के बजाय राजनीतिक झुकाव के कारण दिया गया है। हालाँकि, उनके प्रशंसकों का मानना था कि बिहार की समस्याओं पर उनकी शानदार रिपोर्टिंग के लिए वे इसकी हकदार थीं।

  1. ‘गोदी मीडिया’ का टैग और ट्रोलिंग :

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के कारण चित्रा अक्सर ट्रोल्स के निशाने पर रहती हैं

एकतरफा रिपोर्टिंग का आरोप: विपक्ष और सोशल मीडिया का एक धड़ा उन पर अक्सर सत्ता पक्ष (Ruling Party) का समर्थन करने और विपक्षी नेताओं से बहुत ज़्यादा तीखे सवाल पूछने का आरोप लगाता है। उन्हें अक्सर ‘गोदी मीडिया’ जैसे शब्दों से ट्रोल किया जाता है।

किसानों और विरोध प्रदर्शनों पर कवरेज: किसान आंदोलन और शाहीन बाग जैसे प्रदर्शनों के दौरान उनकी कुछ रिपोर्टिंग को लेकर भी काफी विवाद हुआ था, जहाँ उन पर प्रदर्शनकारियों को गलत रोशनी में दिखाने के आरोप लगे।

  1. निजी जीवन और तलाक की खबरें (2025-26) :

साल 2025-26 की शुरुआत में चित्रा त्रिपाठी एक बार फिर निजी कारणों से खबरों में रहीं

तलाक की खबर: उन्होंने खुद सोशल मीडिया (X) पर अपने पति अतुल अग्रवाल से अलग होने (Separation) की जानकारी साझा की।

चुनौती: एक सार्वजनिक हस्ती होने के नाते, उनकी निजी जिंदगी के इस कठिन दौर को भी सोशल मीडिया पर काफी उछाला गया और उन्हें भद्दे कमेंट्स का सामना करना पड़ा।

  1. कानूनी लड़ाइयां और सुरक्षा की चुनौतियां :

धमकियाँ और एफआईआर: बेबाक रिपोर्टिंग के कारण उन्हें कई बार कानूनी नोटिस और धमकियाँ भी मिली हैं। उन्होंने खुद कई बार ट्रोल्स और फेक न्यूज़ फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

ग्राउंड रिपोर्टिंग के खतरे: युद्ध क्षेत्रों (जैसे यूक्रेन) और दंगों वाले इलाकों (जैसे हालिया बरेली विवाद) से रिपोर्टिंग करना उनके लिए हमेशा जान जोखिम में डालने जैसा रहा है।

चित्रा त्रिपाठी की कुल संपत्ति और कमाई (अनुमानित) :

विवरणअनुमानित जानकारी
कुल नेटवर्थ (Total Net Worth)₹15 करोड़ से ₹25 करोड़ के बीच
सालाना आय (Annual Salary)₹2 करोड़ से ₹4 करोड़ के बीच
मासिक वेतन (Monthly Salary)₹15 लाख से ₹30 लाख तक
मुख्य आय का स्रोतन्यूज़ एंकरिंग, ब्रांड एंडोर्समेंट और इवेंट्स

चित्रा त्रिपाठी के बारे में कुछ कम ज्ञात तथ्य:

  1. फौजी बनने का था जुनून :

बहुत कम लोग जानते हैं कि चित्रा कभी पत्रकार नहीं बनना चाहती थीं। उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होना था। उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और NCC का ‘C’ सर्टिफिकेट भी हासिल किया। उन्होंने दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड में मार्च भी किया था।

  1. बुलेट वाली पत्रकार (Bullet Reporter) :

चित्रा को ‘बुलेट वाली पत्रकार’ के नाम से जाना जाता है। चुनाव के दौरान वे अपनी रॉयल एनफील्ड बुलेट उठाकर निकल पड़ती हैं और गाँव-गाँव जाकर लोगों की समस्याएं सुनती हैं। यह अंदाज़ उन्हें बाकी एंकर्स से बिल्कुल अलग बनाता है।

  1. सियाचिन की जांबाज रिपोर्टिंग :

वे उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे और खतरनाक युद्ध क्षेत्र ‘सियाचिन’ से रिपोर्टिंग की है। इसके लिए उन्हें ‘बेस्ट रिपोर्टर’ का अवॉर्ड भी मिला था। उनकी निडरता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

  1. 18-18 घंटे लगातार काम :

चित्रा अपनी मेहनत के लिए मशहूर हैं। चुनाव के नतीजों या बड़ी खबरों के दौरान वे लगातार 18 से 20 घंटे तक लाइव एंकरिंग और रिपोर्टिंग करती हैं। उनकी ऊर्जा (Energy) देखकर अक्सर लोग दंग रह जाते हैं।

  1. छोटे शहर से बड़े शिखर तक :

चित्रा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं। बिना किसी ‘गॉडफादर’ या सिफारिश के, केवल अपनी आवाज़ और भाषा के दम पर उन्होंने दिल्ली के बड़े न्यूज़ रूम्स में अपनी जगह बनाई। आज वे हिंदी न्यूज़ जगत की सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाली महिला एंकर्स में से एक हैं।

लेखिका है – आरुषि शर्मा

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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