Thursday, February 12, 2026

Caste Census: मोदी सरकार कराएगी जाति जनगणना, कैबिनेट की बैठक में लिया बड़ा फैसला

Caste Census: केंद्र की मोदी सरकार ने देश में जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। मोदी कैबिनेट ने बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को यह फैसला लिया। राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जाति गणना की है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।” बता दें भारत में प्रत्येक 10 साल में होने वाली जनगणना अप्रैल 2020 में शुरू होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई।

‘जाति जनगणना का ‘कांग्रेस ने हमेशा किया विरोध’

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “कांग्रेस सरकारों ने हमेशा जाति जनगणना का विरोध किया है। 2010 में दिवंगत डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था कि जाति जनगणना के मामले पर कैबिनेट में विचार किया जाना चाहिए। इस विषय पर विचार करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था। अधिकांश राजनीतिक दलों ने जाति जनगणना की सिफारिश की है। इसके बावजूद, कांग्रेस सरकार ने जाति का सर्वेक्षण या जाति जनगणना कराने का फैसला किया।

‘राजनीतिक हथियार के रूप में किया इस्तेमाल’

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि यह अच्छी तरह से समझा जा सकता है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। कुछ राज्यों ने जातियों की गणना के लिए सर्वे किए हैं, जबकि कुछ राज्यों ने केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से गैर-पारदर्शी तरीके से ऐसे सर्वे किए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे सर्वों ने समाज में संदेह पैदा किया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राजनीति से हमारा सामाजिक ताना-बाना खराब न हो, सर्वे के बजाय जाति गणना को जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए।

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