बरेली हिंदू पलायन: बरेली जिले के मोहम्मदगंज गाँव से एक वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार वीडियो में एक घर के भीतर सामूहिक नमाज अदा होते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की थी।
हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद से गाँव में माहौल संवेदनशील बताया जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्थानीय परिवारों का दावा
बरेली हिंदू पलायन: कुछ स्थानीय हिंदू परिवारों का आरोप है कि हिरासत से लौटने के बाद संबंधित लोगों ने उसी स्थान पर फिर से नमाज पढ़ना शुरू कर दिया।
उनका कहना है कि विरोध करने पर उन्हें डराने-धमकाने की बातें भी हुईं। इन परिवारों का दावा है कि वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इसी वजह से कई घरों के बाहर “मकान बिकाऊ” जैसे पोस्टर लगा दिए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग 200 परिवारों ने इस तरह की नाराजगी जताई है, हालांकि इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
प्रशासन और पुलिस का पक्ष
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी सूचना की पुष्टि बिना तनाव न फैलाएँ।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि किसी को धमकी या असुरक्षा का अनुभव हो रहा है तो वह सीधे पुलिस से संपर्क करे।
पुरानी घटना का जिक्र
बताया जाता है कि 16 जनवरी 2026 को भी इसी स्थान से सामूहिक नमाज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था।
उस समय भी मामला चर्चा में रहा था। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर विवाद गहरा गया है और स्थानीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि जांच एजेंसियाँ यह स्पष्ट करने में जुटी हैं कि वास्तविक स्थिति क्या है और क्या किसी प्रकार का नियम उल्लंघन हुआ है या नहीं।
ग्रामीणों की मांग और अपील
कुछ ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।
वहीं कुछ लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी हस्तक्षेप की अपील की है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि शांति और सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
शांति बनाए रखने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अफवाहें और अधूरी जानकारी तनाव बढ़ा सकती हैं, इसलिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
फिलहाल गाँव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस निगरानी रखे हुए है। प्रशासन ने सभी समुदायों से सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील की है,
ताकि माहौल सामान्य बना रहे और किसी भी तरह का टकराव न हो।

