बांग्लादेश संकट में: पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में जो कुछ भी हो रहा है,
उसके पीछे कट्टरपंथी ताकतों की बड़ी भूमिका दिखाई देती है। उनके मुताबिक हालात ऐसे बनते जा रहे हैं, मानो ये ताकतें पूरे घटनाक्रम को अपने नियंत्रण में ले चुकी हों।
सामिक भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सही दिशा में जरूरी कदम उठा रहे हैं।
बांग्लादेश संकट में: सनातन अल्पसंख्यकों पर हमलों का आरोप
बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने देश में सनातन (हिंदू) अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया है।
उनका कहना है कि पूरे बांग्लादेश में सुनियोजित तरीके से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हो रही देरी और मौजूदा हिंसक घटनाओं के पीछे जिहादी मानसिकता से प्रभावित लोग सक्रिय हैं।
चौधरी के अनुसार मीडिया हाउस पर हमले भी इसी साजिश का हिस्सा हैं और यह सब पहले से तय रणनीति के तहत किया गया है,
जिसमें वर्तमान सत्ता तंत्र की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, खासकर तब जब देश चुनाव की ओर बढ़ रहा है।
शरीफ उस्मान हादी की मौत
कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। उनके शव को देखने के लिए बड़ी संख्या में बांग्लादेशी छात्र सिंगापुर पहुंच गए हैं।
सिंगापुर की अंगुलिया मस्जिद के बाहर बांग्लादेशियों की भारी भीड़ जमा होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।
हिंदू व्यक्ति की हत्या पर अंतरिम सरकार की निंदा
एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मयमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की कड़ी निंदा की है।
सरकार ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह देश के मूल्यों के खिलाफ है।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस “नए बांग्लादेश” की बात की जा रही है, उसमें इस तरह की हिंसा और नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
चुनाव से पहले बढ़ता राजनीतिक टकराव
बांग्लादेश इस समय बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को सुधारों में देरी के कारण लगातार विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने अंतरिम सरकार पर देश में जानबूझकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।
अवामी लीग को आगामी चुनाव में भाग लेने से बैन कर दिया गया है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
12 फरवरी को चुनाव
देश में 12 फरवरी को चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बढ़ती हिंसा, अल्पसंख्यकों पर हमले, कट्टरपंथी गतिविधियां और राजनीतिक टकराव ने बांग्लादेश के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।

