दहेज में नहीं मिली बाइक: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है,
जहां एक महिला ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और हलाला जैसी अमानवीय शर्तें थोपने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता की आपबीती न सिर्फ कानून और समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है, बल्कि महिलाओं की स्थिति पर भी गहरी चिंता पैदा करती है।
दहेज को लेकर किया प्रताड़ित
दहेज में नहीं मिली बाइक: पीड़िता के अनुसार उसका निकाह 17 जून 2025 को महोबा जिले के रगौलिया बुजुर्ग गांव निवासी जावेद से हुआ था।
निकाह के बाद वह पूरे भरोसे और उम्मीदों के साथ अपने ससुराल पहुंची, लेकिन वहां उसका स्वागत खुशियों से नहीं, बल्कि दहेज की मांगों से हुआ।
महिला का कहना है कि शौहर जावेद, ससुर रज्जाक, सास भूरी और ननद तफसीना शुरू से ही दहेज को लेकर असंतुष्ट थे।
कई दिनों तक भूखा रखा
पीड़िता का आरोप है कि निकाह के कुछ ही समय बाद उस पर दो लाख रुपये नकद और एक बाइक लाने का दबाव बनाया जाने लगा।
जब उसने असमर्थता जताई तो उसके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई।
उसे कई-कई दिनों तक भूखा रखा गया और जब वह बीमार पड़ी तो इलाज तक नहीं कराया गया। महिला का कहना है कि ससुराल में उसे इंसान नहीं बल्कि बोझ की तरह देखा गया।
हलाला की रखी शर्त
महिला ने बताया कि जब हालात बहुत ज्यादा बिगड़ गए तो उसने अपनी अम्मी को ससुराल बुलाया, ताकि परिवार के बीच बातचीत से मामला सुलझ सके,
लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने उसकी अम्मी के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की।
इस घटना के बाद पीड़िता पूरी तरह टूट गई और उसे समझ आ गया कि यहां उसकी जान और इज्जत दोनों खतरे में हैं।
पीड़िता के अनुसार, दिसंबर 2025 में ससुराल वालों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया।
इतना ही नहीं, महिला का आरोप है कि शौहर और उसके घरवालों ने तलाक की बात कहते हुए दोबारा साथ रखने के लिए हलाला कराने की शर्त रखी।
महिला का कहना है कि यह मांग उसके लिए बेहद अपमानजनक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाली थी।
पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर बांदा जिले के मटौंध थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शौहर जावेद समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मटौंध थाने के थानाध्यक्ष संदीप सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि दहेज जैसी कुप्रथा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा आज भी समाज में मौजूद है।
जरूरत है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को न्याय मिले और समाज में जागरूकता बढ़े, ताकि कोई भी महिला इस तरह के अत्याचार का शिकार न हो।

