अरिजीत सिंह बायोग्राफी: बात अगर हिंदी फिल्म संगीत की हो और अरिजीत सिंह का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। एक साधारण लड़का, जिसने अपनी आवाज़ से करोड़ों दिल जीत लिए। उनकी आवाज़ में दर्द भी है, प्यार भी और सच्चाई भी।
फिल्म आशिकी 2 के गाने “तुम ही हो” से पहचान पाने वाले अरिजीत आज भारतीय संगीत के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं।
लेकिन अरिजीत ने अब अपने करियर में एक बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है, जहाँ वे बॉलीवुड के शोर-शराबे से दूर अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं।
उनकी भावुक और रोमांटिक आवाज ने ‘तुम ही हो’, ‘केसरिया’, ‘चन्ना मेरेया’ जैसे गानों से लाखों दिल जीते हैं, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ हमेशा प्राइवेट रही है।
अरिजीत सिंह केवल एक गायक नहीं हैं, वे एक सांस्कृतिक घटना हैं जिन्होंने आधुनिक भारतीय संगीत की परिभाषा बदल दी है।
अपनी रूहानी आवाज़ और सादगी के लिए मशहूर अरिजीत आज “एक पूरी पीढ़ी की आवाज़” बन चुके हैं।
अरिजीत सिंह: जन्म और व्यक्तिगत जानकारी
| पूरा नाम | अरिजीत सिंह |
| जन्म तिथि | 25 अप्रैल 1987 |
| जन्म स्थान | मुर्शीदाबाद, पश्चिम बंगाल, भारत |
| पिता | पंजाबी मूल के हैं |
| माता | बंगाली मूल की हैं |
| जातीय पृष्ठभूमि | मिश्रित (पंजाबी + बंगाली) |
| पेशा | पार्श्व गायक, म्यूजिक प्रोग्रामर |
| शिक्षा | राजा बिजय सिंह हाई स्कूल और श्रीपत सिंह कॉलेज |
| संगीत प्रशिक्षण | शास्त्रीय संगीत, तबला, रवींद्र संगीत और पॉप संगीत |
| शादी | कोयल रॉय (20 जनवरी 2014) |
| शौक/अन्य रुचियाँ | बैडमिंटन, लेखन, मूवीज, डॉक्यूमेंट्री मेकिंग |
शुरुआती जीवन: संगीत की मज़बूत नींव
अरिजीत का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद (जीयागंज) में हुआ। उनका संगीत से नाता जन्मजात था।
संगीत का माहौल: उनकी माँ और नानी गायिका थीं, और उनकी मौसी ने शास्त्रीय संगीत सीखा था। उनके मामा तबला वादक थे।
तीन गुरु: उन्होंने 3 साल की उम्र से प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने राजेंद्र प्रसाद हज़ारी से भारतीय शास्त्रीय संगीत, धीरेंद्र प्रसाद हज़ारी से तबला और बीरेंद्र प्रसाद हज़ारी से रवींद्र संगीत सीखा।
संघर्ष का दौर: ‘फेम गुरुकुल’ से पहचान तक
दुनिया को अपनी आवाज़ सुनाने से पहले अरिजीत एक संघर्षरत कलाकार थे , शुरुआत में वे थोड़े संकोची थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि क्लासिकल संगीत की परंपरा खो रही है।
1 फेम गुरुकुल में अनुभव :
कंपोज़र शंकर महादेवन और अन्य जूरी मेंबर उनका क्लासिकल बैकग्राउंड देख कर प्रभावित हुए। हालांकि अरिजीत फाइनल तक नहीं पहुंचे, लेकिन यह अनुभव उनके लिए बेहद सीखने वाला था।
2 म्यूजिक प्रोग्रामर के रूप में काम
जीत के बाद अरिजीत ने शंकर-एहसान-लॉय, विशाल-शेखर और मिथुन जैसे बड़े म्यूजिक डायरेक्टरों के साथ काम किया।
उन्होंने पहले असिस्टेंट म्यूजिक प्रोग्रामर के रूप में काम करना शुरू किया।
2005: उन्होंने रियलिटी शो फेम गुरुकुल में भाग लिया। वे जीत नहीं पाए और छठे नंबर पर रहे।
कड़ी मेहनत: वे मुंबई में ही रुक गए और म्यूज़िक प्रोग्रामर के रूप में काम करना शुरू किया। उन्होंने करीब 6 साल तक प्रीतम और शंकर-एहसान-लॉय जैसे संगीतकारों के सहायक के रूप में काम किया।
पहला मौका: उनका पहला हिंदी फिल्मी गाना “फिर मोहब्बत” (मर्डर 2) था, जो 2009 में रिकॉर्ड हुआ लेकिन 2011 में रिलीज़ हुआ।
“आशिकी 2” की सुनामी (2013)
गाना “तुम ही हो” अरिजीत के जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। इसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया।
इसके लिए उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
इसके बाद एक दशक ऐसा आया जब बॉलीवुड की कोई भी फिल्म अरिजीत के गाने के बिना अधूरी मानी जाने लगी।
वैश्विक प्रभाव।
अरिजीत की सफलता को उनके आंकड़ों और सम्मानों से समझा जा सकता है:
पुरस्कार: उन्होंने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और आठ फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं।
पुरस्कार और उपलब्धियाँ
| श्रेणी | पुरस्कार / उपलब्धि | गाना / विवरण |
| राष्ट्रीय पुरस्कार | राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2023) | केसरिया – ब्रह्मास्त्र |
| फिल्मफेयर अवॉर्ड | 7 बार विजेता | तुम ही हो, चन्ना मेरेया, राब्ता, केसरिया |
| IIFA अवॉर्ड | सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक | तुम ही हो, चन्ना मेरेया |
| मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड | अपकमिंग मेल सिंगर | दुआ – शंघाई |
| अन्य अवॉर्ड्स | ज़ी सिने, स्क्रीन, स्टारडस्ट | विभिन्न सुपरहिट गाने |
| स्ट्रीमिंग रिकॉर्ड | Spotify पर सबसे लोकप्रिय भारतीय कलाकार | अरबों स्ट्रीम्स |
| भाषाएँ | बहुभाषी गायक | हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु आदि |
| लाइव कॉन्सर्ट | भारत और विदेशों में शो | टिकट सोल्ड-आउट |
| पहचान | “वॉयस ऑफ द जेनरेशन” | रोमांटिक व भावुक गीत |
पद्म श्री (2025): भारत सरकार ने उन्हें भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया।
स्पॉटिफ़ाई (Spotify) रिकॉर्ड: 2020 से 2025 तक वे लगातार 5 वर्षों तक सबसे ज़्यादा सुने जाने वाले भारतीय कलाकार रहे। 2024 में उन्होंने फॉलोअर्स के मामले में टेलर स्विफ्ट जैसी अंतरराष्ट्रीय सितारों को भी पीछे छोड़ दिया।
सादगी और समाज सेवा :
₹400+ करोड़ की संपत्ति होने के बावजूद, अरिजीत अपनी “एंटी-सेलिब्रिटी” लाइफस्टाइल के लिए प्रसिद्ध हैं:
जीयागंज का जीवन: वे आज भी अपने गांव में समय बिताते हैं। उन्हें अक्सर स्कूटी चलाते या किराने की दुकान पर लाइन में खड़े देखा जा सकता है।
एनजीओ: वे “लेट देयर बी लाइट” नाम से एक संस्था चलाते हैं और अपने गांव में “हेशेल” नाम का एक रेस्तरां चलाते हैं, जहाँ बहुत कम कीमत (मात्र ₹40) में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलता है।
परिवार: उन्होंने 2014 में अपनी बचपन की दोस्त कोयल रॉय से शादी की और वे तीन बच्चों के पिता हैं।
जनवरी 2026: एक नया अध्याय
27 जनवरी 2026 को अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली घोषणा की कि वे फिल्मी गानों (Playback) से संन्यास ले रहे हैं।
कारण: उन्होंने एक “प्लेबैक मशीन” बनने के बजाय अपने वास्तविक जुनून— स्वतंत्र संगीत (Independent Music) और भारतीय शास्त्रीय संगीत पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा जताई।
भविष्य: वे अपनी पुरानी फिल्मों के वादों को पूरा करेंगे, लेकिन अब वे ऐसी कला बनाना चाहते हैं जो किसी फिल्म की स्क्रिप्ट या मार्केटिंग का हिस्सा न हो।
“मैं अच्छे संगीत का प्रशंसक हूँ और भविष्य में एक छोटे कलाकार के रूप में और भी बहुत कुछ सीखूँगा। मैं प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कह रहा हूँ। यह एक शानदार सफर था।” — अरिजीत सिंह, 2026

