Sunday, March 29, 2026

Amit Shah: यह संसद का कानून है, इसे कोई नकारा नहीं सकता- अमित शाह

Amit Shah: लोकसभा में वक्फ बिल पारित हो चुका है और इसे आज राज्यसभा में पेश किया गया है। वहीं सदन में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक-एक कर के विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि वक्फ को चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में परिभाषित किया गया है, जहां लोग वक्फ के लिए जमीन दान देते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि सरकारी संपत्ति का दान नहीं हो सकता है और दान केवल उस जमीन का किया जा सकता है जो व्यक्ति की अपनी हो।

Amit Shah: 1500 साल पुराने मंदिर की जमीन पर कब्जा

अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दल देश तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वक्फ में गड़बड़ी करने वालों को पकड़ा जाएगा। गृह मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा है कि वक्फ में पैसे की चोरी हो रही है। उन्होंने बताया कि 2014 के चुनाव के दौरान रेलवे की जमीन को वक्फ के नाम पर घोषित कर दिया गया और वक्फ ने कई गांवों पर कब्जा कर लिया। शाह ने बताया कि तमिलनाडु में 1500 साल पुराने मंदिर की जमीन पर भी वक्फ ने कब्जा कर लिया था। इस तरह न जाने कितने ही कब्जे इस बोर्ड ने कर रखे है।

गैर-मुस्लिम नहीं होंगे शामिल

गृह मंत्री ने कहा कि वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ था। वहीं गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में अमित शाह ने कहा कि धार्मिक मामलों में गैर-मुस्लिमों की कोई भूमिका नहीं होगी। कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा। धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं होगा और हम ऐसा कुछ करना भी नहीं चाहते है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक मामले और दान की गई संपत्ति में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा। इस तरीके की गलत बातें अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है।

सरकार की तरफ कोई भी हस्तक्षेप नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं आज यह साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि वक्फ, जो कि हमारे देश के मुस्लिम भाइयों के द्वारा धार्मिक कार्यों के लिए बनाया गया एक ट्रस्ट है। इसमें सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुतवल्ली भी उनके समुदाय का होगा और वक्फ भी उनका ही होगा।

वक्फ में कलेक्टर

वक्फ में कलेक्टर को शामिल करने को लेकर अमित शाह ने कहा कि जब हमारे देश में किसी भी मंदिर को जमीन लेने की जरूरत पड़ती है, तो उसका स्वामित्व कलेक्ट तय करता है। ऐसे किसी भी मामले के लिए राजस्व अधिकारी जिम्मेदार होता है। ऐसे में सवाल यह है कि जमीन का कोई भी टुकड़ा वक्फ का है या नहीं, तो ऐसे में इसको कंफर्म केलक्टर क्यों नहीं करना चाहिए, इसमे मुस्लिमों को क्या आपत्ति है।

यह संसद का कानून

अमित शाह ने कहा कि यह कानून संसद का कानून है और इसे सभी लोगों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन में गड़बड़ी हुई। आंकड़े बताते हैं कि 1913 से 2013 तक वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन थी, जो 2013 से 2025 तक बढ़कर 39 लाख एकड़ हो गई है। यह बढ़ोतरी 2013 के बाद हुई है, लेकिन सवाल यह है कि किसकी इजाजत से यह जमीन बेची गई। अमित शाह ने यह भी बताया कि केरल और देश के चर्चों ने भी इस बिल का समर्थन किया है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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