Monday, March 30, 2026

लोकसभा में अमित शाह का कड़ा संदेश: नक्सलवाद पर सख्त रुख, आत्मसमर्पण या कार्रवाई

लोकसभा में अमित शाह का कड़ा संदेश: अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा का जवाब देते हुए बेहद सख्त और स्पष्ट रुख पेश किया। उन्होंने कहा कि देश अब उस दौर से आगे बढ़ चुका है, जहां नक्सली हिंसा को सहन किया जाए।

सरकार ने साफ संदेश दिया है—जो हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, उन्हें सहयोग मिलेगा, लेकिन जो हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नक्सलवाद पर सरकार का दावा

गृह मंत्री ने कहा कि एक समय देश के कई राज्य नक्सल हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा दोनों पर समान रूप से काम हुआ है, जिससे इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।

विपक्ष पर तीखा हमला

अमित शाह ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक शासन करने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी आदिवासी समुदाय विकास से क्यों वंचित रहा।

आदिवासी इलाकों में विकास का दावा

सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए गए हैं। सड़क निर्माण, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और बैंकिंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब वहां हालात पहले से काफी बेहतर हैं।

नक्सली विचारधारा पर टिप्पणी

गृह मंत्री ने नक्सल विचारधारा को हिंसा-आधारित बताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनके अनुसार, इस सोच में सत्ता प्राप्ति का माध्यम केवल बंदूक है, जो संविधान और लोकतंत्र के लिए चुनौती है।

हिंसा बनाम संवाद

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन केवल उन लोगों से जो हिंसा का रास्ता छोड़ने को तैयार हों। जो लोग हथियार उठाएंगे, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

आंकड़ों के जरिए स्थिति का चित्रण

सरकार के मुताबिक, हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई नक्सली मारे गए हैं, जबकि हजारों जवान इस संघर्ष में शहीद भी हुए हैं।

“अर्बन नक्सल” पर भी निशाना

अमित शाह ने उन लोगों की भी आलोचना की, जिन्हें उन्होंने “अर्बन नक्सल” बताया। उनके अनुसार, ऐसे लोग परोक्ष रूप से नक्सल विचारधारा का समर्थन करते हैं, जो देश और समाज के हित में नहीं है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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