रेप पीड़िता से यौन संबंध बनाने की मांग: अलीगढ़ में एक दुष्कर्म पीड़िता के साथ कथित अभद्रता और शोषण का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
अलीगढ़ के क्वार्सी थाना में तैनात हेड कॉन्स्टेबल इमरान खान पर आरोप है कि उसने रेप पीड़िता से अश्लील बातचीत की और केस में कार्रवाई के बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी सिपाही मांगता निजी तस्वीरें
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने कुछ समय पहले एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संवेदनशील मामले की जांच की जिम्मेदारी हेड कॉन्स्टेबल इमरान खान को सौंपी गई थी।
आरोप है कि जांच के दौरान सिपाही ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए पीड़िता से व्हाट्सएप पर संपर्क बढ़ाया और आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी सिपाही उससे निजी तस्वीरें मांगता था और बार-बार अश्लील बातें करता था।
ईद पर होटल में मिलने का बनाया दबाव
आरोप यह भी है कि इमरान खान ने पीड़िता पर धार्मिक आधार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
उसने कथित रूप से कहा कि “तू भी मुसलमान है और मैं भी मुसलमान हूँ,” इसलिए उसे उसकी बात माननी चाहिए।
सिपाही ने ईद के बहाने होटल में मिलने का दबाव बनाया और धमकी दी कि यदि पीड़िता उसकी बात नहीं मानेगी तो केस में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इतना ही नहीं, पीड़िता को यह भी कहा गया कि उसकी शिकायत को कमजोर कर उसे ही कानूनी झंझट में फंसा दिया जाएगा।
दबाव और धमकियों के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। उसने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी सिपाही के साथ हुई पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया।
बाद में उसने सभी ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट और अन्य सबूत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंप दिए।
सबूतों की जांच के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया गया।
कॉन्स्टेबल को किया निलंबित
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। साथ ही आरोपी के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पीड़ित के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दुष्कर्म पीड़िताएं पहले ही मानसिक, सामाजिक और कानूनी दबाव से गुजर रही होती हैं।
ऐसे में यदि जांच अधिकारी ही उनका शोषण करने लगें, तो न्याय व्यवस्था पर से भरोसा कमजोर पड़ सकता है। यही कारण है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
फिलहाल आरोपी सिपाही निलंबित है और मामले की जांच जारी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
पीड़िता द्वारा प्रस्तुत सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

