अजित पवार डेथ: महाराष्ट्र के बारामती से बुधवार, 28 जनवरी 2026 को एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई।
एक प्लेन क्रैश में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। राज्य के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई और हर किसी की नजर बारामती पर टिक गई।
अजित पवार डेथ: चुनावी प्रचार के दौरान हादसा
अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। उनका बुधवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त था।
सुबह 10 बजे निरावागज से प्रचार की शुरुआत होनी थी। इसके बाद दोपहर 12 बजे पंढरे, दोपहर 3 बजे करंजेपुल और शाम 5.30 बजे सुपा में जनसभाएं तय थीं।
इन सभाओं के जरिए वे महायुति गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में माहौल बनाना चाहते थे,
लेकिन प्लेन क्रैश की खबर के बाद पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ा और चुनावी गतिविधियां अचानक रुक गईं।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। इस घटना को देखते हुए राज्य सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई।
फिलहाल घटना से जुड़ी हर जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।
अजित पवार का परिवार
अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार, बड़े बेटे पार्थ पवार और छोटे बेटे जय पवार शामिल हैं।
सुनेत्रा पवार कई बार चुनावी रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाती नजर आई हैं। पार्थ पवार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार मिली थी।
जय पवार भी अक्सर पिता के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखते हैं। परिवार में उनके बड़े भाई श्रीनिवास पवार हैं, जो व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि बहन का नाम विजया पाटिल है।
उनके चाचा शरद पवार देश की राजनीति के बड़े और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गांव में हुआ था।
पिता अनंतराव पवार के निधन के बाद उन्हें कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
1982 में उन्होंने सहकारी चीनी मिल के बोर्ड सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा। 1991 में वे बारामती से लोकसभा सांसद बने, लेकिन बाद में यह सीट शरद पवार के लिए छोड़ दी।
डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा बार उपमुख्यमंत्री बनने वाले नेता हैं। वे अब तक छह बार इस पद पर रह चुके हैं।
2023 में एनसीपी से अलग होकर उन्होंने नया गुट बनाया और 2024 में चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उनके गुट को दे दिया।
फिलहाल वे बीजेपी और शिवसेना के साथ महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। उनकी छवि एक मेहनती और सख्त नेता की रही है, हालांकि कुछ विवादों के कारण वे आलोचना में भी रहे हैं।
बारामती में हुआ यह प्लेन क्रैश सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक बड़ी घटना माना जा रहा है।
इस घटना ने चुनावी माहौल और राजनीतिक गतिविधियों पर गहरा असर डाला है।

