Thursday, February 5, 2026

हिन्दू छात्र की ‘शांतिदूत’ छात्रों ने ली जान, जबरदस्ती खिलाते थे मटन, अहमदाबाद में सनसनी

अहमदाबाद में छात्र की हत्या से मचा बवाल

अहमदाबाद के सेवेंथ डे स्कूल में मंगलवार को दसवीं कक्षा के एक हिंदू छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला मुस्लिम छात्रों ने किया।

घटना के बाद भारी संख्या में अभिभावक और हिंदू संगठनों के लोग स्कूल पहुँचे और आक्रोश व्यक्त किया। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

मृतक छात्र के परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उसका आठवीं कक्षा के छात्रों से झगड़ा हुआ था। घटना के दिन आठ-दस छात्र चेहरा ढककर पहुँचे और चाकू से हमला कर दिया। घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल

मृतक के दादा ने आरोप लगाया कि चाकू लगने के बाद भी स्कूल प्रशासन ने न एंबुलेंस बुलाई और न ही समय पर अस्पताल पहुँचाया।

परिवार के आने के बाद ही छात्र को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल में चाकू जैसे हथियार लेकर छात्र कैसे घुसे और सुरक्षा कर्मी क्या कर रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में मुस्लिम छात्र अक्सर उनके पोते को परेशान करते थे। आरोप लगाया गया कि वे मटन की सब्जी को पनीर बताकर खिलाने की कोशिश करते थे।

जबकि परिवार शाकाहारी है। एक आरोपी छात्र को पुलिस ने उसी रात शाह आलम इलाके से पकड़ लिया और FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

सहपाठियों और अभिभावकों की शिकायतें

मृतक के सहपाठियों ने कहा कि स्कूल में असामाजिक तत्वों का आतंक फैला हुआ है। आरोपी छात्र अक्सर बच्चों का गला दबाते और चाकू दिखाकर डराते-धमकाते थे।

मृतक के माता-पिता ने दो महीने पहले ही इस बारे में स्कूल में शिकायत की थी, लेकिन प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

गुस्साए अभिभावकों ने कहा कि यहाँ पहले भी कई शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि यह माहौल बच्चों के लिए असुरक्षित है।

कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि घायल छात्र को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया गया, अगर एंबुलेंस होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

शराब-ड्रग्स के आरोप और समुदाय का आक्रोश

एक महिला अभिभावक ने आरोप लगाया कि पहले भी स्कूल में शराब और ड्रग्स पकड़े गए थे, लेकिन पैसे लेकर मामला दबा दिया गया।

एक अन्य महिला ने बताया कि मुस्लिम छात्रों ने उसके बेटे से झगड़ा किया था, लेकिन स्कूल ने सिर्फ अभिभावकों को बुलाकर मामला निपटा दिया।

सिंधी समुदाय भी बड़ी संख्या में स्कूल के बाहर जुटा और न्याय की माँग करने लगा। सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष कमल मेहतानी ने कहा कि छोटी सी बात पर बच्चे की जान ले लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने माँग की कि दोषियों को सख्त सजा मिले और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाए।

एबीवीपी ने माँगी सख्त कार्रवाई

एबीवीपी नेताओं ने कहा कि जब लाखों रुपए फीस लेने के बाद भी छात्र सुरक्षित नहीं हैं और असामाजिक तत्व स्कूल में हथियार लेकर घूम रहे हैं, तो ऐसे स्कूल पर ताला लगा देना चाहिए। उन्होंने आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी और कड़ी सजा की माँग की।

अहमदाबाद की यह घटना न केवल छात्र की असमय मौत की त्रासदी बन गई है, बल्कि स्कूल सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और समाज में फैली अव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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Mudit
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लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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