Friday, February 13, 2026

Bhajanlal cabinet decision: गहलोत राज में बने 9 जिले और 3 संभाग खत्म, अब राजस्थान में होंगे 41 जिले और 7 संभाग

Bhajanlal cabinet decision: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में नए जिलों पर चल रहे कयासों पर विराम लगा दिया गया। कैबिनेट ने गहलोत सरकार के राज में बने 9 जिलों को कैंसिल कर दिया। साथ ही नए बने तीनों संभाग भी खत्म कर दिए हैं। ऐसे में अब राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग होंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री जोगाराम पटेल और सुमित गोदारा ने सचिवालय में प्रेसवार्ता कर इस संबंध में हुए निर्णय की जानकारी दी। हालांकि इस बैठक में सब इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर बैठक में फैसला नहीं हुआ। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि एसआई भर्ती का प्रकरण बैठक के एजेंडे में नहीं था। यह मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट से निस्तारण होने के बाद इस पर निर्णय होगा।

ये 9 जिले और 3 संभाग कैबिनेट ने किए खत्म

जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी ,जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर जिले को खत्म किया गया है। साथ ही आखिर में तीन जिले मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन बनाने की जो घोषणा की गई थी, लेकिन उनकी अधिसूचना जारी नहीं हो पाई थी। इसलिए वह तीनों जिले भी अब नहीं रहेंगे। इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में लिए निर्णय के मुताबिक बालोतरा, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन, फलोदी, डीग और संलूबर जिले यथावत रहेंगे। इसके साथ ही नए बने बांसवाड़ा, पाली और सीकर संभाग को भी खत्म कर दिया है।

1 जनवरी से लगेगी जनगणना रजिस्ट्रार जनरल की रोक

सरकार के निर्णय के बाद अब 9 जिलों में लगे कलेक्टर-एसपी और जिला स्तरीय अफसर हटेंगे। इन जिलों में बने हुए जिला स्तरीय पद भी खत्म हो जाएंगे।सरकार को 31 दिसंबर तक नए जिलों से लेकर नई प्रशासनिक इकाइयां बनाने की छूट थी। 31 दिसंबर के बाद जनगणना रजिस्ट्रार जनरल की तरफ से नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन पर रोक लग जाएगी। 1 जनवरी से प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं फ्रिज होने के कारण नई पंचायत, नए उपखंड, तहसील से लेकर नए जिले बनाने से लेकर उनकी सीमाओं में फेरबदल करने पर रोक लग जाएगी।

कांग्रेस ने एक रुपये का प्रावधान नहीं किया था : अविनाश

कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत प्रेसवार्ता कर जवाब दिया। अविनाश बोले कि 17 नए जिले किसी भी तरह से व्यवहारिक नहीं थे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से सरकार पर लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जाते-जाते 17 जिले और तीन संभाग बना दिए, लेकिन एक रुपये का वित्तीय प्रावधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक नए जिले को स्थापित करने में करीब दो हजार करोड़ रूपए का खर्चा आता है।

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