राजस्थान में 15 जनवरी 2026 को भारत के सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पहली बार देश अपना आर्मी डे राजस्थान में मनाने जा रहा है और इस ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनेगा जयपुर।
साल 2026 में जयपुर की धरती पर आयोजित होने वाला 78वां आर्मी डे न सिर्फ एक सैन्य कार्यक्रम होगा, बल्कि यह भारतीय सेना की उस परंपरा और शौर्य का उत्सव बनेगा, जिसने उसे दुनिया की सबसे मजबूत और अनुशासित सेनाओं में शामिल किया है।
अब तक सेना दिवस की परेड राजधानी दिल्ली तक सीमित थी, लेकिन आम जनता को सेना के शौर्य से जोड़ने के उद्देश्य से पिछले कुछ वर्षों में इसे अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाने लगा। बेंगलुरु, लखनऊ और पुणे के बाद अब यह परंपरा राजस्थान पहुंच रही है, जो वीरों और बलिदान की भूमि मानी जाती है।
15 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
भारतीय सेना के लिए 15 जनवरी की तारीख ऐतिहासिक रूप से बेहद खास है। 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा देश के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे।
इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह गौरवशाली परंपरा जयपुर पहुंचेगी और इसके जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि भारतीय सेना की असली ताकत उसकी जड़ों, अनुशासन और मूल्यों में निहित है।
महाल रोड पर होगी मुख्य परेड
सेना दिवस की मुख्य परेड 15 जनवरी की सुबह 10 बजे जयपुर की महाल रोड पर आयोजित की जाएगी। इस परेड में भारतीय सेना की परंपरा, कदमताल, हथियार प्रणाली और आधुनिक युद्ध क्षमताओं की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। परेड सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी और इसमें सेना की विभिन्न टुकड़ियां हिस्सा लेंगी।
भैरव बटालियन और कैवलरी का प्रदर्शन
परेड का प्रमुख आकर्षण अमेरिका निर्मित अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का फ्लाइपास्ट होगा, जो अपनी घातक मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक के लिए जाना जाता है।
इसके साथ ही आतंकवाद, नक्सलवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए तैयार की गई भैरव बटालियन भी अपने कौशल का प्रदर्शन करेगी।
वहीं, भारतीय सेना की गौरवशाली विरासत का प्रतीक 61वीं कैवलरी के घुड़सवार दस्ते परेड की शान बढ़ाएंगे।
ब्रह्मोस मिसाइल बनेगी शक्ति का प्रतीक
इस आयोजन में ब्रह्मोस मिसाइल विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित यह मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल है। इसका प्रदर्शन भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति को दर्शाएगा।
शाम को एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन
सेना दिवस का उत्सव दिन तक सीमित नहीं रहेगा। शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में भव्य लाइट एंड साउंड शो “शौर्य संध्या” आयोजित किया जाएगा। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गाथा दिखाई जाएगी। हजार ड्रोन के माध्यम से आसमान में बनने वाले दृश्य भारतीय सेना के साहस और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाएंगे।
5 जनवरी से शुरू होंगे कार्यक्रम, आमजन भी बनेंगे हिस्सा
मुख्य आयोजन से पहले 5 जनवरी से विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। आर्मी अस्पताल में पूर्व सैनिकों के लिए मेगा मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा फरवरी में आमजन के लिए सेना के आधुनिक हथियारों और युद्ध तकनीक की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जहां टैंक, मिसाइल सिस्टम, आर्मी डॉग शो और युद्ध प्रदर्शन देखने को मिलेंगे।
शहीदों को नमन से होगी ऐतिहासिक दिन की शुरुआत
सेना दिवस के मुख्य कार्यक्रम से पहले सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी साउथ वेस्टर्न कमांड क्षेत्र स्थित प्रेरणा स्थल पर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित करेंगे। इसके बाद मुख्य परेड की शुरुआत होगी।
15 जनवरी 2026 को जयपुर से देश यह स्पष्ट रूप से देखेगा कि भारतीय सेना का शौर्य सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे मजबूत सच्चाई और भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

