Thursday, April 3, 2025

29 मार्च को नहीं बनेगा षडग्रही योग, न ही ग्रहण, न ही शनि गोचर

हाल ही में 29 मार्च को बनने वाले एक षडग्रही योग के बारे में तरह तरह की जानकारियां सामने आई हैं जिसमें बताया गया है कि 29 मार्च को मीन राशि में 6 गृह एक साथ इकट्ठे हो जाएँगे। इन 6 ग्रहों में सूर्य, चन्द्र, बुध, शुक्र, राहु और शनि शामिल होंगे।

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पर वैदिक सूर्यसिद्धान्तीय ज्योतिष के अनुसार 29 को 6 ग्रहों का नहीं केवल 4 ग्रहों का योग मीन राशि में होगा। केवल सूर्य, चन्द्र, बुध और राहु ही मीन राशि में इकट्ठे होंगे। क्योंकि शुक्र जो 30 जनवरी 2025 से मीन राशि में चल रहे थे, वे वक्री चाल से 19 मार्च 2025 को ही वापिस कुम्भ राशि में जा चुके हैं। जिससे वे षडग्रही योग में शामिल नहीं होंगे।

दूसरी ओर ईसाई दृश्य गणित के आधार पर शनि का मीन राशि में प्रवेश 29 मार्च की रात में बताया जा रहा है। पर वैदिक सूर्यसिद्धान्तीय गणित के अनुसार इस दिन शनि मीन में प्रवेश नहीं करेंगे, बल्कि शनि 24 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए लोगों की राशि के अनुसार साढ़ेसाती और ढैय्या भी 24 अप्रैल के बाद बदलेगी न कि 29 मार्च को।

गौरतलब है कि बनारस से प्रकाशित होने वाले सूर्यसिद्धान्त पर आधारित आदित्य पंचांग, हृषिकेश पंचांग, विश्व पंचांग से लेकर जयपुर के जयादित्य पंचांग, शृंगेरी शंकराचार्य पीठ पंचांग, उडुपी उत्तरादि मठ पंचांग तक किसी भी वैदिक पंचांग में 29 मार्च को षडग्रही योग मीन राशि में नहीं बन रहा है।

29 मार्च को लेकर किए जा रहे हैं दावे

29 मार्च को षडग्रही योग और साढ़ेसाती को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश भी कई यूट्यूब शॉर्ट्स और इन्स्टाग्राम रील्स में हो रही है। जिसमें एक ही जगह 6 ग्रह इकट्ठे होने से नुकसान की भविष्यवाणियाँ की जा रही हैं।

जब हमने जयपुर से जयादित्य पंचांग के सम्पादक पंडित अमित शर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया, “मीन राशि में 6 ग्रह इकट्ठे होने का कोई योग अभी नहीं बन रहा है, क्योंकि वैदिक पंचांग के अनुसार शनि और शुक्र मीन राशि में इस दिन नहीं होंगे। ऐसे में डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

29 को कोई ग्रहण नहीं

पंडित गोविन्दचन्द्र द्विवेदी ने बताया कि “29 मार्च को भारत में कोई ग्रहण नहीं है, इसलिए भारत में इसका कोई महत्त्व नहीं होगा। इसका सूतक भी नहीं लगेगा। यह खण्ड सूर्यग्रहण केवल यूरोप, अफ्रीका और आर्कटिक महासागर के क्षेत्र में दिखेगा इसलिए भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

24 अप्रैल को होगा शनि का गोचर

काशी से लेकर जयपुर तक के वैदिक पंचांगों में बताया गया है शनि का गोचर 24 अप्रैल को होगा। जयपुर के जयादित्य पंचांग के अनुसार 24 अप्रैल को 03:58 AM पर शनिदेव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इन राशियों पर शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती का पड़ेगा ये ये असर पड़ेगा –

मेष – साढ़ेसाती शुरू
सिंह – शनि की ढैय्या
धनु – शनि की ढैय्या
मकर – साढ़ेसाती का अंत
कुम्भ – साढ़ेसाती उतरती हुई
मीन – साढ़ेसाती का शिखर

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