उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह 9 बजे सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया।
सीएमएस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों के सम्मेलन से पूर्व 52 देशों से आए विदेशी मेहमानों ने आगरा स्थित ताजमहल का भ्रमण किया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विभिन्न देशों से आए 160 से अधिक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद अध्यक्ष, मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश एवं कानूनविदों का लखनऊ में स्वागत किया।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: क्या रही थीम?
लखनऊ में आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की थीम “एक फ्रैक्चर्ड वर्ल्ड में सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए एक नया लुक, संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर, ग्लोबल गवर्नेंस” रखी गई है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य तेजी से बदलती और खंडित दुनिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून और बहुपक्षीय शासन को अनुकूलित करने के तरीकों पर चर्चा करना है।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: इन अतिथियों का हुआ लखनऊ आगमन
क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक, लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली, घाना की संसद के सभापति अल्बन किंग्सफोर्ड सुमाना बैगबीन, एंटीगुआ और बरबूडा संसद के अध्यक्ष आस्बर्ट आर. फ्रेडरिक समेत कई देशों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश प्रमुख रूप से शामिल रहे।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: सीएम योगी ने दुनियाँ को कहा एक परिवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने यहां सिटी मांटेसरी स्कूल के तत्वावधान में आयोजित विश्व के प्रधान न्यायाधीशों एवं न्यायाधीशों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ”वसुधैव कुटुंबकम” का उद्घोष करते हुए कहा कि ”भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है।”
उत्तर प्रदेश की राजधानी में अतिथियों के आगमन पर राज्य सरकार और यहां के लोगों की ओर से उनका स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए योगी ने कहा, ”यह भारत की न केवल एक भावना रही है, बल्कि दुनिया का कोई मत, मजहब या संप्रदाय नहीं, जिसे उसके संकट के समय में भारत ने शरण न दी हो, भारत ने उसे आगे बढ़ने और उसके संरक्षण में अपना योगदान न दिया हो।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: डॉक्टर जगदीश गाँधी को दी श्रद्धांजलि
योगी ने कहा, ”आज के इस अवसर पर जब हम दुनिया भर से जुड़े न्यायविदों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यहां पर उपस्थित हुए हैं तो इस अवसर पर सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉक्टर जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करता हूं, उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’
वर्चस्व स्थापित करने की बात की
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने ही वैश्विक एकता, शांति और न्याय के लिए मुख्य न्यायाधीशों के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत की।
यह सम्मेलन वास्तव में दुनिया भर की मानवता के लिए संवाद का एक माध्यम है, उन लोगों के लिए जिन लोगों ने अपना स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास किया है।”
उन्होंने कहा, ”दुनिया में जहां अशांति है, जहां पर अराजकता है, जहां वर्चस्व को लेकर एक दूसरे के संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर शिक्षा, वहां पर विकास अपने आप में बेमानी सी दिखती है और उन स्थितियों में हम सबको विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किये जाने की जरूरत है, हम भी उसमें सहभागी बन सकते हैं।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: ओम बिड़ला के विचार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि भारत दुनिया को शांति और स्थिरता का मजबूत संदेश दे रहा है। यह सम्मेलन सौहार्दपूर्ण भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह सम्मेलन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 पर आधारित है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने की बात करता है।
इस सम्मलेन की थीम का फोकस विश्व एकता, शांति और दुनिया के 2.5 अरब से ज्यादा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर है।
26वां न्यायाधीश सम्मेलन: सीएमएस के हेड कम्युनिकेशंस ऋषि खन्ना ने कहा
सीएमएस के हेड कम्युनिकेशंस ऋषि खन्ना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य हिस्सा 20 से 23 नवंबर तक लखनऊ के सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा।
यह सम्मेलन न सिर्फ न्यायविदों का मेला है, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए एक वैश्विक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह गर्व का विषय है कि दुनिया की ये प्रमुख हस्तियां यहां आई।
यह सम्मेलन वैश्विक चुनौतियों के बीच शांति और एकता का प्रतीक बनेगा, जो दिखाता है कि भारत कैसे दुनिया को एक परिवार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

