कौन था क्रूर औरंगज़ेब का गुरु

औरंगज़ेब को इतिहास के पन्नों में उसकी क्रूरता और बेरहमी के लिए जाना गया। वो अरबी और फ़ारसी क्या ज्ञानी था, जो उसे उसके गुरु से मिला था।

कहा जाता है कि मुग़ल शासन में सबसे खूंखार औरंगज़ेब था। उसके गुरु का नाम था मुहम्मद सालेह कमबोह। इनका मुग़ल सल्तनत से खास रिश्ता था।

मुहम्मद सालेह कमबोह ने ही औरंगज़ेब के पिता शाहजहां की जीवनी लिखी थी। ये एक पंजाबी मुस्लिम थे। लेखक और शिक्षक के साथ उन्हें कैलीग्राफी का भी ज्ञान था। वो अपने सुन्दर लेख के लिए भी जाने जाते थे।

 मुहम्मद सालेह कमबोह के अलावा सूफी संत और आध्यात्मिक शिक्षक शेख जैनुद्दीन भी औरंज़ेब के गुरु रहे। इनसे औरंगज़ेब ने आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की थी।

सूफी संत शेख जैनुद्दीन से औरंज़ेब के ख़ास रिश्ते का पता इस बात से चलता है कि उसकी कब्र को शेख जैनुद्दीन के कब्र के पास ही दफनाया गया था।

औरंगज़ेब की मृत्यु महाराष्ट्र के अहमीदनगर में हुआ था। उसे राज्य के संभाजी नगर (तब औरंगाबाद) में सूफी संत शेख जैनुद्दीन की कब्र के पास दफनाया गया था।