महमूद गजनवी ने किया सोमनाथ मंदिर पर पहला हमला और मंदिर को तोड़ा, कुछ वर्षों बाद मंदिर का पुननिर्माण भीम प्रथम (सोलंकी राजा) और परमार राजा भोज ने कराया
अलाउद्दीन खिलजी ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त करने की कोशिश की, कुछ वर्षों बाद सिद्धराज जयसिंह और कुमारपाल ने मंदिर का पुन भव्य निर्माण करा दिया
मुजफ्फर खान ने फिर सोमनाथ पर हमला किया, लेकिन वो हमला नाकामयाब रहा
सुल्तान अहमद शाह ने सोमनाथ मंदिर को खंडित करने की कोशिश की, यहीं नहीं इसी शताब्दी में सुल्तान के पोते महमूद बेगड़ा ने भी, सोमनाथ मंदिर को मस्जिद बनाने की कोशिश की।
औरंगजेब ने मंदिर को अपवित्र किया और मंदिर को फिर से मस्जिद बनाने की कोशिश की, उसके बाद अहिल्याबाई होल्कर ने एक बार फिर मंदिर की स्थापना कर सोमनाथ को एक बार फिर जीवित कर दिया।
PM मोदी के नेतृत्व में आज सोमनाथ अपने 1000 वर्ष के स्वाभिमान का पर्व मन रहा है।