Wednesday, August 19, 2026

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, 99.6% ब्रॉड गेज नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत, दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंचा भारत

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास: भारतीय रेलवे ने देश के बुनियादी ढांचे और हरित परिवहन (ग्रीन मोबिलिटी) की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

अब भारतीय रेलवे के कुल ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का लगभग 99.6 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।

इस उपलब्धि के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे अधिक विद्युतीकृत बड़ा रेलवे नेटवर्क बन गया है। पहले स्थान पर स्विट्जरलैंड है, जहां रेलवे नेटवर्क पूरी तरह 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफाइड है।

रेलवे का यह अभियान दुनिया में सबसे तेज और सबसे बड़े विद्युतीकरण अभियानों में से एक माना जा रहा है।

जहां कई विकसित देश केवल व्यस्त रेल मार्गों तक ही बिजली आधारित ट्रैक सीमित रखते हैं, वहीं भारत ने लगभग पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को इलेक्ट्रिफाई करने का लक्ष्य पूरा कर लिया है।

पिछले 10 वर्षों में कई गुना बढ़ी काम की रफ्तार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद रेलवे विद्युतीकरण की गति में अभूतपूर्व तेजी आई।

वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारतीय रेलवे ने 48,072 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया।

इसके मुकाबले वर्ष 2014 से पहले लगभग छह दशकों में केवल 21,801 रूट किलोमीटर रेल मार्ग ही विद्युतीकृत हो पाया था।

यह आंकड़ा बताता है कि पिछले एक दशक में रेलवे ने रिकॉर्ड स्तर पर काम किया है।

सरकार ने नई रेल लाइनों और डबलिंग परियोजनाओं में शुरुआत से ही इलेक्ट्रिफिकेशन को अनिवार्य बनाया।

साथ ही चलती ट्रेनों के बीच काम करने जैसी चुनौतियों को दूर करने के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) पोर्टल का इस्तेमाल किया गया।

इससे परियोजनाओं की निगरानी तेज हुई और समय पर कार्य पूरा करना संभव हो सका।

दुनिया के बड़े देशों से आगे निकला भारत

रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत अब कई बड़े देशों से आगे निकल चुका है। विशाल रेल नेटवर्क होने के बावजूद भारत ने 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण का आंकड़ा छू लिया है।

रैंकदेशरेलवे विद्युतीकरण
1स्विट्जरलैंड100%
2भारत99.6%
3चीन82%
4स्पेन67%
5जापान64%
6फ्रांस60%
7रूस52%
8यूनाइटेड किंगडम39%

भारत ने चीन, जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल रेल परिवहन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

पर्यावरण संरक्षण में भी मिल रही बड़ी सफलता

रेलवे के विद्युतीकरण का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को मिल रहा है। डीजल इंजनों की जगह इलेक्ट्रिक इंजन इस्तेमाल होने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई है।

नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेल परिवहन में प्रति टन-किलोमीटर माल ढुलाई पर लगभग 11.5 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, जबकि सड़क परिवहन में यही उत्सर्जन लगभग 101 ग्राम तक पहुंच जाता है।

यानी रेल परिवहन सड़क परिवहन की तुलना में करीब 89 प्रतिशत कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित करता है।

इससे प्रदूषण कम होने के साथ-साथ देश के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को भी मजबूती मिल रही है।

डीजल की खपत में आई भारी गिरावट

रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का असर ईंधन की बचत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। व

र्ष 2015-16 में ट्रेन संचालन के लिए लगभग 293 करोड़ लीटर डीजल की आवश्यकता पड़ती थी। वहीं वर्ष 2024-25 तक यह घटकर करीब 108 करोड़ लीटर रह गई।

इस तरह लगभग 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है। इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत हुआ है क्योंकि कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च काफी कम हुआ है।

नवीकरणीय ऊर्जा का बढ़ता इस्तेमाल

भारतीय रेलवे केवल बिजली से ट्रेनें चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बिजली को भी स्वच्छ स्रोतों से प्राप्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के मध्य तक रेलवे ने 1,260 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित कर ली है।

इसमें लगभग 1,161 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल है।

इस पहल से रेलवे भविष्य में और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इलेक्ट्रिक इंजन से बढ़ी ट्रेनों की क्षमता

इलेक्ट्रिक इंजन डीजल इंजनों की तुलना में अधिक शक्तिशाली और तेज माने जाते हैं। इनकी गति पकड़ने की क्षमता बेहतर होती है और ये अधिक भार लेकर लंबी दूरी तक आसानी से चल सकते हैं।

इसी वजह से कई रेल मार्गों पर ट्रेनों की औसत गति बढ़ी है, यात्रा का समय कम हुआ है और माल ढुलाई की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

कई रेलवे जोन और राज्यों में पूरा हुआ विद्युतीकरण

भारतीय रेलवे के 15 रेलवे जोन पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुके हैं। इनमें सेंट्रल, नॉर्दर्न, ईस्टर्न, वेस्टर्न, साउथ सेंट्रल, ईस्ट कोस्ट रेलवे, कोंकण रेलवे और कोलकाता मेट्रो समेत कई प्रमुख जोन शामिल हैं।

राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में रेलवे नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।

इसके अलावा राजस्थान (99.8%), तमिलनाडु (98.3%), असम (97.9%) और कर्नाटक (96.8%) जैसे राज्य भी जल्द ही 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य तक पहुंचने वाले हैं।

भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि खास?

भारतीय रेलवे का लगभग पूरा नेटवर्क इलेक्ट्रिफाई होना केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा, प

र्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कम ईंधन खर्च, कम प्रदूषण, तेज ट्रेन संचालन, अधिक माल ढुलाई क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे आधुनिक और टिकाऊ रेल प्रणालियों में अपनी जगह और मजबूत करेगा।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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