महमूद गजनवी ने किया सोमनाथ मंदिर पर पहला हमला और मंदिर को तोड़ा,  कुछ वर्षों बाद मंदिर का पुननिर्माण भीम प्रथम (सोलंकी राजा) और परमार राजा भोज ने कराया

1. वर्ष 1026 ई

अलाउद्दीन खिलजी ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त करने की कोशिश की,  कुछ वर्षों बाद सिद्धराज जयसिंह और कुमारपाल ने मंदिर का पुन भव्य निर्माण करा दिया

2. वर्ष 1299 ई.

अलाउद्दीन खिलजी ने एक बार फिर सोमनाथ पर आक्रमण किया

13वीं शताब्दी

जूनागढ़ के राजा ने सोमनाथ का जीर्णोद्वार कर प्रतिष्ठा की  

14वीं शताब्दी

मुजफ्फर खान ने फिर सोमनाथ पर हमला किया, लेकिन वो हमला नाकामयाब रहा

14वीं शताब्दी

सुल्तान अहमद शाह ने सोमनाथ मंदिर को खंडित करने की कोशिश की, यहीं नहीं इसी शताब्दी में सुल्तान के पोते महमूद बेगड़ा ने भी,   सोमनाथ मंदिर को मस्जिद बनाने की कोशिश की।

15वीं शताब्दी

औरंगजेब ने मंदिर को अपवित्र किया और मंदिर को फिर से मस्जिद बनाने की कोशिश की,  उसके बाद अहिल्याबाई होल्कर ने एक बार फिर मंदिर की स्थापना कर सोमनाथ को एक बार फिर जीवित कर दिया।

17वीं शताब्दी

स्वन्त्रन्ता के बाद आधुनिक भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से 1950-51 में वर्तमान भव्य मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ,  जिसकी प्रतिष्ठा राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने की

वर्ष 1950-51

PM मोदी के नेतृत्व में आज सोमनाथ अपने 1000 वर्ष के स्वाभिमान का पर्व मन रहा है।

वर्ष 2026